सोनहत विकासखंड के अधिकांश ग्राम पंचायत में पानी की किल्लत होने लगी है, अधिकांश निर्मल ग्रामों में जलसंकट गहराया
सोनहत/कटगोड़ी. कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायत सहित निर्मल ग्राम में जल संकट गहराने लगा है। जिससे स्थानीय ग्रामीण गड्ढे का पानी पीने को मजबूर हो गए हैं। भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन पंचायत को निर्मल ग्राम के पुरस्कार से नवाजा गया है। इस दौरान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के कई दावे किए गए थे। बावजूद निर्मल ग्राम में सुविधाएं बदहाल है।
सोनहत के ग्राम पंचायत मेंड्राकला पोड़ी, बोड़ार, कछार एवं अन्य कई ग्राम को निर्मल ग्राम का दर्जा मिले वर्षो बीत गए हैं, परन्तु अभी तक कागजी निर्मल ग्राम मूलभूत सुविधा से जूझ रहे हैं। वर्तमान में साफ-सफाई नहीं है और न ही पेयजल की कोई है। ग्राम पंचायत सिंघोर, मेंड्रा, ग्राम पंचायत सोनहत के पंडोपारा रजौली पंडोपारा में पानी की भारी किल्लत है। यहां के ग्रामवासियों का जीवन बदतर हो गया है।
लोग स्वच्छ पानी की बूंद बूंद के लिए मोहताज हंै। ग्रामीणों का कहना है कि ढोढ़ी एवं नाले समेत हैंडपंप का लाल पानी पी कर बीमार पडऩे लगे हैं। अकलासरई, रजौली ग्राम में नल जल योजना शुरु की गई थी।
पंचायत भवन के आसपास पेयजल सप्लाई के लिए पंप हाउस व बोर कराया था। कुछ दिन तक इसका लाभ भी मिला और इसी पेयजल व्यवस्था के कारण शासन ने पंचायत को निर्मल ग्राम का दर्जा दिया था। लेकिन अब ग्रामीणों को नजजल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
कटगोड़ी में भारी परेशानी, आधा दर्जन मोहल्ले में परेशानी
ग्राम पंचायत कटगोड़ी में पानी की परेशानी बढ़ गई है बैराटिकरा, रिखई चौक, दर्रीपारा, छुहिया पारा, आनंदपुर, उसना पारा में पानी किल्लत बढऩे से ग्रामीण परेशान है। पिछले साल भी पानी कि किल्लत को लेकर कटगोड़ी के ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। जिससे कुछ गांव में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बतौर टैंकर लगाए गए थे।
लेकिन इस साल एसईसीएल ने भी कुछ व्यवस्था नहीं किया है और न ही पीएचई विभाग ही ध्यान दे रहा है। मनरेगा के तहत कई स्थानों पर डबरी एवं तालाब निर्माण कराए गए हैं लेकिन कुछ डबरियां एवं तालाबों में पानी की एक बूंद भी नहीं है। साथ ही नवीन तालाबों में भी पानी नहीं है।
रामगढ़ क्षेत्र में ढोढ़ी का सहारा
सोनहत के ग्राम रामगढ,़ सिंघोर, सेमरीया, सुक्तरा, उज्ञांव, कुर्थी पंचायत में ढोढ़ी, नदी नाले पर ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है।