जांजगीर चंपा

#ऑपरेशन_मिलापः मध्यप्रदेश और बंगाल में मिली कोटा से गुमशुदा 10 किशोरियां

किशोरावस्था में अपने घरों से गुमशुदा हुई किशोरियां मध्यप्रदेश व बंगाल से दस्तयाब की गई। इनमें से कई तो बच्चों की मां बन चुकी है।
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किशोरावस्था में अपने घरों से गुमशुदा हुई किशोरियां मध्यप्रदेश व बंगाल से दस्तयाब की गई। इनमें से कई तो बच्चों की मां बन चुकी है। ऑपरेशन मिलाप के तहत मानव तस्करी विरोधी यूनिट की टीम ने दस और सात साल से अधिक लंबे समय से गुमशुदा पांच किशोरियों को एक साथ दस्तयाब किया।

अभियान के तहत अब तक टीम ने 20 किशोरियों को दस्तयाब कर लिया है। शहर पुलिस अधीक्षक अंशुमान भौमिया के निर्देशन और एएसपी उमेश ओझा व अनंत कुमार के नेतृत्व में 15 मई से ऑपरेशन मिलाप शुरू किया गया। इसी के तहत मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदा नाबालिगों की तलाश में जुटी हुई है।

यूनिट प्रभारी एएसआई धर्मराज सिंह राणावत ने बताया कि विज्ञान नगर थाना क्षेत्र से वर्ष 2007 से लापता एक 17 वर्षीय किशोरी बारां जिले के गांव अटरू में मिली। जबकि इसी थाना क्षेत्र की वर्ष 2010 में लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी को मध्यप्रदेश के राजगढ़ से दस्तयाब किया गया। दोनों किशोरियां अब बच्चों की मां बन गई है। राणावत ने बताया कि दोनों ही किशोरियां खानाबदोश परिवारों से थी। जिनकी जानकारी जुटाना टेढ़ी खीर था।


इसी तरह महावीर नगर थाना क्षेत्र से वर्ष 2013 में गुमशुदा एक 17 वर्षीय किशोरी को बंगाल, रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र से दो माह पूर्व लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी को मध्य प्रदेश के कंभलगढ़ तथा दादाबाड़ी थाना क्षेत्र से 15 दिन से लापता 17 वर्षीय किशोरी को बूंदी जिले के डाबी से दस्तयाब किया है। सभी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें नांता स्थित बालिका गृह में अस्थायी आश्रय के लिए भेज दिया गया। एएसआई धर्मराज सिंह ने बताया कि गुमशुदा 81 नाबालिगों में से अब तक 20 को दस्तयाब किया जा चुका है।

9 किशोर बालश्रम से मुक्त

अनंतपुरा व गुमानपुरा थाना क्षेत्र से शनिवार को नौ किशोरों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। रानपुर रीको इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित श्रीनाथ फूड्स वाटर प्लांट्स से 3, गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित आर्ची फैशन, रहीम अलमारी, तितली फैशन व इंद्र वर्मा साइकिल पंचर दुकान से 1-1 और फ्लाइंग मशीन रेडीमेड कपड़ा दुकान से दो सहित कुल नौ किशोरों को बालश्रम से मुक्त कराया। सभी की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। इन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। जहां से अस्थायी आश्रय के लिए शेल्टर होम भेज दिया।


Published on:
04 Jun 2017 07:56 am
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