विद्युत चोरी का मामला, 13600 उपभोक्ताओं ने भरी वीसीआर, 30 नवम्बर तक नि‍पटाने हैं लम्बित प्रकरण
कोटा . बिजली चोरी के मामलों में अब पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए बिजली चोर जुर्माना भुगतने को तैयार हो गए हैं। हालही में विद्युत चोरी के दौरान विभागीय अधिकारियों की ओर से भरी गई वीसीआर से जयपुर डिस्कॉम को 11 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। अभी भी कई प्रकरण लम्बित हैं, जिनका निस्तारण करने के लिए उपभोक्ता डिस्कॉम की सरल विशेष योजना का लाभ ले सकते हैं।
जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक आर.जी. गुप्ता ने बताया कि डिस्कॉम के अधीन कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाईमाधोपुर, टोंक, करौली, धौलपुर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा जिले के विद्युत उपभोक्ता शामिल हैं। इनके विद्युत उपभोक्ता-गैर उपभोक्ताओं के विद्युत चोरी, दुरुपयोग के 30 जून, 2016 से पहले भरी गई वीसीआर के प्रकरण लम्बित थे। उनके निस्तारण के लिए विभाग ने सरल विशेष योजना लागू की थी। इसमें अब तक डिस्कॉम के 13 हजार 600 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाकर कुल 11 करोड़ रुपए जमा कराए हैं।
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ये है योजना
विद्युत सरल योजना के तहत 50 हजार तक की वीसीआर पर 50 प्रतिशत राशि जमा कराकर प्रकरण का निस्तारण कराया जा सकता है। अगर इससे अधिक राशि की वीसीआर भरी गई है तो 50 हजार रुपए तक की 50 प्रतिशत राशि जमा करानी होगी। इससे अधिक वीसीआर राशि की 10 प्रतिशत जमा कर अंतिम निस्तारण कराया जा सकता है। योजना का वे उपभोक्ता भी लाभ ले सकते हैं, जिनके खिलाफ विद्युत थानों में मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन न्यायालय में पेश नहीं हुए हैं। वह वीसीआर राशि जमा कराकर प्रकरण का निस्तारण करा सकते हैं। योजना अवधि समाप्त होने के बाद उपभोक्ता को पूरी वीसीआर राशि जमा करानी होगी। राशि नहीं जमा कराने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।