नए कोटा के तीन बत्ती सर्किल पर 25 साल पहले शुरु हुए गणेश उत्सव के कारवां से अब 50 हजार से ज्यादा भक्तों का काफिला जुड़ चुका है।
गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक उत्साह, जोश व जुनून कोटा में हर ओर देखने को मिलता है। पुराने कोटा की तरह ही अनंतचतुर्दशी महोत्सव के उल्लास का यह रंग नए कोटा में भी गणेश भक्तों के सिर चढ़कर बोलता है। तभी तो तीन बत्ती सर्किल पर 25 सालों से गणेश महोत्सव का उल्लास दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। यहां से निकलने वाली शोभायात्रा को देखने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
मंडल के संयोजक विमलेश गुप्ता बताते हैं कि तीन बत्ती सर्किल पर पहली बार 1992 गणपति प्रतिमा की स्थापना की गई। गणेश महोत्सव के समापन पर पहली बार गणपति को विदाई में करीब 700-800 लोग शामिल हुए। जिसके बाद तो साल दर साल यह कारवां बढ़ता ही गया। तीन बत्ती सर्किल ही नहीं देखते ही देखते पूरे इलाके में गणेश महोत्सव की धूम होने लगी।
50 हजार लोग शामिल होते हैं शोभायात्रा में
तीन बत्ती नवयुवक मंडल के संयोजक विमलेश बताते हैं कि यहां प्रारंभ से ही 5 से 6 फीट की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। भजन संध्या व अन्य आयोजन भी पूर्व के अनुसार ही हो रहे हैं, लेकिन शोभायात्रा में अब हुजूम उमड़ता है। करीब 50 हजार से अधिक लोग इसके साक्षी बनते हैं। भरत गोस्वामी, परमेन्द्र शर्मा, अनिल व अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में सहयोगी बनते हैं।
एक साथ निकलती हैं कई झांकियां
आयोजन स्थल के आस पास कई फुटकर दुकानें व झूले भी लगने लगे हैं। जिसके चलते पूरे दस दिन तक यहां मेला लगा रहता है। लोगों के सहयोग के चलते ही महोत्सव को नए कोटा क्षेत्र में पहचान मिली है। अब यहां विवेकानंद नगर, श्रीनाथपुरम समेत विभिन्न इलाकों की झांकियां शामिल होती है, इस वर्ष भी शोभायात्रा में चालीस झांकियां, आठ अखाड़े, पांच बैंड, भजन मंडलियां शामिल होंगे।