मदहोश होकर गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं। कोटा में पिछले 10 महीनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 616 लोगों के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं।
शराब पीकर गाड़ी चलाई तो पुलिस और परिवहन विभाग आपका लाइसेंस छीन लेगा और फिर दोबारा कभी गाड़ी नहीं चला सकेंगे। कोटा में पिछले 10 महीनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 616 लोगों के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। वहीं 352 को नोटिस देकर जवाब मांगा। तय समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इनके लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए जाएंगे।
सांसों ने खोली पोल
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की वजह से ना सिर्फ उनकी बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। इसी के चलते कोटा यातायात पुलिस ने शराब पी कर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ फरवरी महीने में सख्त कार्रवाई करने का अभियान छेड़ा। इस अभियान के तहत औचक चैकिंग के दौरान वाहन चालकों की जांच कर उनकी सांस के नमूने लिए गए और जो लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते मिले उनके खिलाफ मोटर यान अधिनियम 188 की धारा 19 (1) (एफ) में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया।
सफाई देने के लिए मिलता है एक महीना
मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए यातायात पुलिस शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे प्रादेशिक परिवहन अधिकारी को पूरी डिटेल भेज देती है। इसके बाद परिवहन विभाग आरोपित को नोटिस जारी कर एक महीने के अंदर सफाई देने का मौका देता है। यदि तय वक्त में आरोपित अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित करने में सफल होता है तो उसे दोषमुक्त कर दिया जाता है। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
नहीं आते अधिकांश आरोपित
शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में मुकदमा दर्ज होने और परिवहन विभाग की ओर से सुनवाई के लिए नोटिस दिए जाने के बाद अधिकांश आरोपित स्पष्टीकरण देने के लिए परिवहन विभाग के दफ्तर में हाजिर ही नहीं होते। ऐसी स्थिति में एक महीने बाद परिवहन विभाग उन्हें फिर से नोटिस जारी करके 7 दिन का समय देता है। इसके बाद भी आरोपित नहीं आता तो उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया जाता है।
नहीं चला सकते गाड़ी
शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में एक बार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होने के बाद वाहन चालक को 6 महीने के लिए वाहन चलाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इतना ही नहीं दोबारा लाइसेंस बनवाने पर तभी लाइसेंस जारी किया जाता है जब वह नशा मुक्ति केंद्र पर इलाज कराने का प्रमाण देने के साथ ही शपथ पत्र दे कि दोबारा शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएगा। यदि चालक दोबारा शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त किया जा सकता है।
कोटा में हुई बड़ी कार्रवाई
अतरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मथुरा प्रसाद मीणा ने बताया कि कोटा में फरवरी 2017 से लेकर अक्टूबर के आखिर तक 968 लोग शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े गए। यातायात पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अागे की कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को फाइल रैफर कर दी। परिवहन विभाग के पास मामला आने के बाद इन लोगों को नोटिस जारी किए गए। जिनमें से 616 लोग शराब पीकर वाहन चलाने के दोषी पाए गए। परिवहन विभाग ने इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिए। वहीं 352 लोगों को नोटिस जारी कर तय समय में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है।