कोटा में डेंगू, स्वाइन फ्लू और स्क्रब टायफस से मरने वालों की तादाद 62 तक जा पहुंची है। गुरुवार को भी चार लोगों की मौत हो गई।
कोटा में डेंगू व स्वाइन फ्लू से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को डेंगू से तीन व स्वाइन फ्लू से एक वृद्ध की मौत हो गई। छावनी बंगाली कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय सूरज भट्टाचार्य को बुखार आया था। परिजन बसंत विहार स्थित निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन हालात में सुधार नहीं आया। यहां से 4 अक्टूबर को तलवंडी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सालय प्रबंधन के अनुसार, जांच में डेंगू पाया गया। गुरुवार सुबह सूरज की मौत हो गई।
नहीं थम रहा मौत का सिलसिला
महावीर नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती महावीर नगर निवासी भंवरलाल की भी डेंगू से मौत हो गई। इसी तरह नयापुरा हरिजन बस्ती की सात माह की बालिका मिल्की की मौत भी डेंगू से हो गई। बुखार आने पर पहले जेके लोन फिर तलवंडी स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। इधर, स्वाइन फ्लू से बूंदी रोड आदर्श नगर निवासी 55 वर्षीय वृद्ध की जयपुर के अस्पताल में मौत हो गई।
रोज औसतन 50 एसडीपी
शहर में औसतन 50 एसडीपी हर दिन हो रही है। एसडीपी डोनेट करने के लिए कोटा का युवा दिन-रात एक कर रहा है। गोपाल गुप्ता ने गुरुवार को 20 दिन में दूसरी बार एसडीपी दी। उन्होंने महावीर नगर क्षेत्र में निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती झालावाड़ से आए डेंगू रोगी रोहित पारेता को एसडीपी दी। जब रोहित के परिजन तलाशने पर एसडीपी डोनर नहीं मिला और गुप्ता के सम्पर्क में आए तो उन्होंने कोटा ब्लड बैंक पहुंच कर एसडीपी डोनेट की।
एक ही दिन में आए 15 डेंगू पॉजीटिव
कोटा संभाग में गुरुवार को डेंगू के 15 मामले सामने आए। इनमें कोटा के 14 व बारां का 1 रोगी शामिल है। स्वाइन फ्लू के 6 मामले सामने आए है। इनमें कोटा के 4 व झालावाड़ के 2 रोगी व स्क्रब टायफस के 4 मामले आए। इनमें कोटा के 3 व बारां का 1 रोगी शामिल है।