26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान की ट्रैफिक पुलिस का फूलने लगा दम, सुनाई पड़ने लगा कम

यातायात पुलिस के सिपाहियों की हालत बेहद खराब है। राज्य में पहली बार हुए स्वास्थ्य परीक्षण में इसका चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Vineet Kumar Singh

•

Updated: 6 Oct 2017, 9:28 AM IST

impact of pollution on  health, Kota Traffic police, Bad effect of noise pollution, Bad effects of air pollution, Traffic police constable, Traffic police sick in Rajasthan, Traffic police sick in kota, kota Patrika, rajasthan patrika, Kota Police, Kota News, Patrika News

impact of pollution on Traffic police constable s health

गर्मी, सर्दी व बरसात के मौसम में छोटे और बड़ी सभी तरह के वाहनों की हॉर्न की तेज आवाजों के बीच दिन में करीब 8-10 घंटे चौराहों पर यातायात विभाग के सिपाहियों को खड़े रहना पड़ता है। इनके स्वास्थ्य का परीक्षण कराया तो ज्ञात हुआ कि किसी की कम सुनाई देने लगा है और कोई एलर्जी की समस्या है। राज्य में पहली बार यातायात सिपाहियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कोटा में कराया जा रहा है।

कोटा में यातायात पुलिस के सिपाहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। जिसमें विशेष रूप से सिपाहियों पर ध्वनि व वायु प्रदूषण के असर दिखाई दिया। अधिकारियों के प्रयास से एक निजी क्लिनिक पर विशेषज्ञ चिकित्सक सिपाहियों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच कर रहे हैं।

Read More: यूं न फुलाओ गाल, बिछुड़े हुए हैं लाल... आधा 'मिलाप' अधूरी 'मुस्कान'

अब तक 50 की जांच

शहरी यातायात के 175 सिपाहियों में से अब तक 50 का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिनमें से करीब 10 प्रतिशत मामले ऐसे सामने आए हैं। किसी को सुनने में परेशानी तो किसी को एलर्जी की समस्या हो गई है। जिनका कि न तो सिपाहियों को अहसास था और न ही यातायात विभाग को। सिपाही समझ रहे थे कि यह मौसम में बदलाव का असर है, लेकिन वास्तविकता उनके चौराहे पर खड़े होकर लम्बे समय तक ड्यूटी के दौरान वायु व ध्वनि प्रदूषण को सहन करने के कारण हो रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण सिपाहियों के साथ ही अधिकािरयों का भी कराया जाएगा।

Read More: दशहरा मेला में उतरा राजस्थानी लोक संस्कृति का चांद

रोटेशन में ड्यूटी की प्लानिंग

सिपाहियों को सुनने व एलर्जी संबंधी परेशानी को देखते हुए विभाग 15-15 दिन में रोटेशन ड्यूटी लगाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही एक इस तरह का डिवाइस मंगवाने पर विचार किया जा रहा है। जिससे भविष्य में इन बीमारियों को बढऩे से रोका जा सके।

Read More: OMG! सोशल मीडिया पर वायरल हुए मौत के वीडियो ने कोटा में मचाया हड़कंप

500 की हुई जांच

यातायात पुलिस की तरह ही शहर पुलिस के करीब 500 सिपाहियों व अधिकािरयों का भी गत वर्ष स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। वह भी कोटा में ही पहली बार किया गया था। एएसपी (मुख्यालय) उमेश ओझा कहते हैं कि यातायात के सिपाहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का राज्य में कोटा में ही पहली बार प्रयास किया गया। जिससे उनमें ध्वनि व वायु प्रदूषण के असर को देखा जा रहा है। कुछ की परेशानी सामने आई है। विभाग की ओर से उनकी परेशानी दूर करने के लिए रोटेशन में ड्यूटी लगाने व डिवाइस देने की योजना है।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग