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लीजिए! जर्मनी जाएगी कोटा की डर्टी पिक्चर

ब्रांड कोटा की तगड़ी फजीहत हो रही है। मेला घूमने आए जर्मन पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया कोटा में लगा गंदगी का ढेर।
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कोटा

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ritu shrivastav

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Updated: 5 Oct 2017, 11:44 AM IST

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जर्मन पर्यटकों ने कैद की फोटो

देखिये साहब बहादुर, रिक्रिएटिंग कोटा की यह भी एक तस्वीर! अब यही 'डर्टी पिक्चर' जर्मनी जा रही है। बुधवार को मेले में आए जर्मन पर्यटकों के दल ने खूबसूरती की चर्चा करते हुए इस डर्टी तस्वीर को अपनी डॉक्यूमेंट्री में सहेज लिया है। पर्यटन विभाग की पहल पर मेला भ्रमण को आए इस दल को भ्रमण के दौरान मेला स्थल पर कचरे का ढेर दिखा तो वे चकित रह गए।

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बस बड़े बयान

उन्होंने मेले की तारीफ की पर कचरे की 'डर्टी पिक्चर' लेने से भी नहीं चूके। निगम की ओर से मेले में सफाई नहीं करने से विदेशी पर्यटकों के बीच भी गलत संदेश चला गया। शहर में सफाई-व्यवस्था को लेकर कई बार सवाल उठे, बड़ी-बड़ी बातें हुई, लेकिन अमल कभी नहीं हुआ। इसलिए सफाई के मामले को कोटा फिसड्डी बना हुआ है।

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दरीखाने में जताई नाराजगी

विजयादशमी पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य बृजराज सिंह ने मेले की बदहाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। महापौर से कहा था कि पूरा मेला बिगाड़ दिया है। इसके बाद कला दीर्घा में चित्र प्रदर्शनी के दौरान भी उन्होंने एेतिहासिक दशहरा के चित्र देखते ही आयोजकों से वर्तमान में मेला बिगडऩे पर नाखुशी जताई थी।

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कहने पर भी तैयार नहीं किया प्लान

सांसद ओम बिरला भी निगम के अधिकारी और पार्षदों को सफाई को बेहतर प्लान बनाने की कह चुके हैं। उन्होंने एक बैठक में कहा था कि कितना भी पैसा खर्च होगा, उसका प्रबंध किया जाएगा, लेकिन शहर स्वच्छ रहना चाहिए। लेकिन न निगम के राजनीतिक नेतृत्व और न ही प्रशासन ने कोई प्लान तैयार किया।

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फिसड्डी एेसे : देश में 341वें पायदान पर आए थे हम

साफ-सफाई में केन्द्र सरकार की ओर से 434 शहरों में कराए 'स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे' के बाद 4 मई 2017 को जारी ऑल इंडिया रैंकिंग में कोटा 341वें पायदान पर रहा था। कई 'सी' श्रेणी के शहरों की कोटा से बेहतर रैंक थी। फजीहत के बाद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने प्रथम रैंक पर आए इंदौर शहर जाकर व्यवस्थाएं देखने और लागू करने का दावा भी किया था लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा। महापौर, उपमहापौर और निगमायुक्त ने सफाई व्यवस्था चाक-चौबन्द करने को ठोस कदम उठाने के दावे किए थे लेकिन हुआ कुछ नहीं।

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कैसे होगा रिक्रिएट
कलक्टर की ओर से 'रिक्रिएटिंग कोटा' ब्रांड अभियान शुरू किया है। इसमें लोगों को नवाचार की प्रेरणा दी जा रही है, लेकिन एेसे ही गंदगी के ढेरों से तो कैसे रिक्रिएट होगा कोटा।

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