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भामाशाह मंडी में हम्मालाें ने की हड़ताल, किसान हुए परेशान

कोटा. भामाशाह मंडी में हम्मालों ने मजदूरी की संशोधित दरों का निर्धारण नहीं होने तक बुधवार से मंडी में काम बंद कर दिया।
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कोटा

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Haboo Lal Sharma

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Updated: 5 Oct 2017, 5:33 PM IST

भामाशाह मंडी

परेशान किसानों ने अनन्तपुरा चौराहा के निकट डीसीएम-अनन्तपुरा रोड पर जाम लगा दिया

कोटा . भामाशाह मंडी में हम्मालों ने मजदूरी की संशोधित दरों का निर्धारण नहीं होने तक बुधवार से मंडी में काम बंद कर दिया। हम्मलों ने मंगलवार शाम ही मंडी प्रशासन को बुधवार से मंडी में काम बंद की घोषणा कर दी थी। मंडी प्रशासन मंगलवार शाम से ही हम्मलों को समझाने के लिए मंडी में बैठकों का दौर चलता रहा। लेकिन बैठक में कोई निर्णय नहीं निकल पाया।
मंडी में सुबह ग्रामीण क्षेत्रों से किसान जिंस लेकर पहुंचे। लेकिन उनकी जींसों की तुलाई नहीं हो सकी। बिना सूचना मंडी बंद रखने से नाराज किसानों ने मंडी गेट बंद कर प्रदर्शन किया। दोपहर तक भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ तो परेशान किसानों ने अनन्तपुरा चौराहा के निकट डीसीएम-अनन्तपुरा रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस अनन्तपुरा व विज्ञाननगर थानाधिकारी मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे किसानों को खदेड़ा।
हम्मालों की समझाइस के लिए सुबह से ही मंडी समिति कार्यालय में बैठकें चल रही है। बैठक में कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी, मंडी सचिव डा. आरपी कुमावत, किसान संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा व हम्माल संघ के अध्यक्ष बिशन गुर्जर बैठक में उपस्थित है। हम्मालों की मांग है कि हमें दस रूपए प्रति कट्टा (पचास किलो) मजदूरी मिलनी चाहिए। सुबह से चल रही बैठक में दोपहर तीन बजे बाद तक कोई हल नहीं निकल सका। वहीं मंडी प्रशासन ने सम्भाग की 18 मंडियों की मजदूरी सूची मंगवाकर निरीक्षण किया तो उसमें औसत मजदूरी 7 रुपए प्रति बोरी आ रही है।
इधर किसानों का कहना है कि मंडी बंद रखनी थी तो इसकी पहले अखबारों में सूचना देनी चाहिए थी। किसान रामचन्द्र का कहना था कि वह ट्रैक्टर ट्राली किराए पर लेकर सोयाबीन लेकर आया है। जींस नहीं तुलने तक उन्हें मंडी में रहना पड़ेगा। किसान हेमराज नागर ने कहा कि यह व्यापारियों व हम्मालों का मामला है। इसमें हमें क्यों परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों को चाहिए था कि ट्रैक्टर ट्राली कांटा करवाकर माल का अपने यहां ढेर लगवा लेते। जिससे किसान को परेशान नहीं होता। सांगोद से सोयाबीन लेकर आए किसान मांगीलाल गुर्जर ने कहा कि आज तो जीसों की तुलाई करवा दो, आगे से इस मंडी में नहीं आएंगे।

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