निजी स्कूलों द्वारा फीस निर्धारण समिति का गठन एक वर्ष पहले ही किया जाना था लेकिन साल गुजरने के बाद भी स्कूल संचालकों ने नहीं किया।
कोटा . निजी स्कूलों द्वारा फीस निर्धारण समिति का गठन एक वर्ष पहले ही किया जाना था लेकिन साल गुजरने के बाद भी स्कूल संचालकों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हालात ये हैं जिले के 1065 निजी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में से 265 स्कूलों ने ही समिति का गठन किया है। जबकि 797 स्कूलों ने अभी तक समिति नहीं बनाई। एेसे में सरकार ने इन स्कूल संचालकों को 4 दिसम्बर तक फीस निर्धारण समिति गठित करने का आखिरी मौका दिया है। इसके बाद भी समिति का गठन नहीं करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
निजी विद्यालयों द्वारा हर साल मनमानी फीस की बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने पिछले साल सभी निजी विद्यालयों को विद्यालय स्तरीय फीस निर्धारण कमेटी व शिक्षक-अभिभावक कमेटी के गठन करने के निर्देश दिए थे। इन कमेटियों की स्वीकृति के बाद ही स्कूल फीस निर्धारित कर सकेंगे।
आधे स्कूलों ने भी नहीं किया गठन
निजी स्कूलों को पहले शिक्षक-अभिभावक कमेटी का गठन करना था। इसके बाद फीस निर्धारण कमेटी का गठन कर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट करनी थी। लेकिन, एक साल के बाद भी आधे स्कूलों ने भी कमेटियां गठित नहीं की। जिसके चलते स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीसों में वृद्धि कर दी। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया।
प्रारंभिक शिक्षा के डीईओ रामूमीणा ने बताया कि निजी स्कूलों को विद्यालय स्तरीय फीस निर्धारण कमेटी गठित कर ४ दिसम्बर तक शिक्षा विभाग में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। जिन स्कूलों की रिपोर्ट नहीं मिलती, उनके नाम बीकानेर निदेशालय भेजे जाएंगे। इसके बाद निदेशालय द्वारा उन स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।