Viral Video: कोटा के एक सरकारी बालिका स्कूल में गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान 20 से ज्यादा गोवंश अचानक स्कूल परिसर में घुस गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और बच्चे जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।
Kota Government School Cows Incident: कोटा शहर में गुरुवार को 20 से ज्यादा गोवंश दौड़ते हुए सकतपुरा स्थित राजकीय बालिका स्कूल परिसर में जा घुसी। यह तब हुआ जब नगर निगम की टीम क्षेत्र में सड़क पर घूमते गोवंश को पकड़ने गई थी। इसी दौरान बदहवास दौड़ते हुए गोवंश स्कूल परिसर में जा घुसी।
वहीं स्कूल स्टाफ का आरोप है कि निगम टीम ने स्कूल गेट का ताला तोड़ कर गोवंश को घुसाया जबकि निगम टीम का कहना है कि गेट पहले से ही खुला था, इसलिए दौड़ती हुई गोवंश स्कूल में घुस गई। गनीमत यह रही कि गोवंश की चपेट में कोई नहीं आया। प्रार्थना सभा या परिसर में कोई कार्यक्रम के दौरान यह घटना होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह बड़ी लापरवाही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम सड़कों पर घूम रहे गोवंश को घेरकर वाहनों में चढ़ा रही थी। इसके लिए टीम ने वाहन खड़े कर रखे थे। एक गली को बंद कर सभी गोवंश को घेर कर लाया जा रहा था। इस दौरान सभी गोवंश स्कूल में घुस गई। लोगों की शिकायत पर ही टीम गोवंश को पकड़ने गई थी।
निगम कर्मचारियों ने बताया कि तीन विशेष वाहनों में गोवंश को चढ़ाया जाना था। इसी दौरान गोवंश दौड़ती हुई स्कूल परिसर में घुस गई। गायों को घेरकर लाते समय उनके आगे कोई नहीं होता, ऐसे में स्कूल का ताला तोड़ने का तो प्रश्न ही पैदा नहीं होता है।
इधर स्कूल स्टाफ ने बताया कि निगम के कर्मचारियों ने स्कूल परिसर का ताला तोड़कर गोवंश को विद्यालय परिसर में घुसा दिया। मामले में परिसर में दौड़कर घुसे गोवंश से बचाने के लिए विद्यार्थियों को दूसरे गेट से बाहर निकाला गया। स्कूल के शिक्षकों ने निगम अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गेट खुलने से घुसा गोवंश
निगम की बंधा-धर्मपुरा गोशाला समिति के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि गोवंश को पकड़ने के लिए एक गली में वाहन लगाकर गली एक ओर से बंद कर दी जाती है। इसके बाद गोवंश को हांककर गली में लाया जाता है और इन वाहनों को लाद दिया जाता है। इसके बाद इन्हें गोशाला में छोड़ा जाता है। गोवंश को हांकते समय स्कूल का गेट खुला होने से स्कूल में घुस गई। जिससे हडकंप मच गया। स्कूल में गोवंश के घुसने के साथ ही पशुपालकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया और गोवंश को पकड़ने का विरोध जताया।