करीब डेढ़ साल पहले राजस्थान की एक बड़ी कम्पनी के वाइस प्रेसीडेंट दम्पती के घर में नकाबपोशाें ने डकैती डाली थी।
कोटा . सीमलिया थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ साल पहले सीएफसीएल गढ़ेपान फैक्ट्री परिसर में दम्पती के घर डकैती डालने के चर्चित मामले में महिला उत्पीडऩ क्रम एक अदालत ने बुधवार को एक आरोपित को 7 साल कठोर कैद की सजा सुनाई। इस मामले में अभी 4 आरोपित फरार हैं।
वाइस प्रेसीडेंट उपेन्द्र सिंह ने 15 मई 2016 को तलवंडी स्थित निजी अस्पताल में पुलिस को पर्चा बयान दिया था। इसमें कहा था कि देर रात 3 बजे फैक्ट्री परिसर स्थित कॉलोनी में उनके घर सामान गिरने की आवाज आई। वो उठकर कमरे से बाहर गए तो वहां कच्छा बनियान पहने 4-5 नकाबपोश खड़े थे। इनमें से एक ने पहले उनके सिर व पैर में बैसबॉल के बल्ले से वार किया, इससे वो नीचे गिर गए।
शोर सुनकर उनकी पत्नी आई तो उन्होंने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद हमलावर उनके गले से सोने की चेन, चूडिय़ा और घर से चांदी के अन्य सामान लूटकर ले गए। शोर सुनकर कॉलोनी के लोग आए। उन्होंने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने रिपोर्ट पर पारदी गिरोह के 5 आरोपितों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 30 मई को मध्यप्रदेश के गुना जिले के धरनावदा स्थित खेजड़ाचक निवासी शारो उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था।
विशिष्ट लोक अभियोजक नित्येन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में 4 अन्य आरोपितों परसराम, युवराज, अक्षय व शहजादी के खिलाफ फरारी में ही चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अदालत ने शाहरुख को दोषी मानते हुए मारपीट व डकैती में 7 साल कठोर कैद व 1500 रुपए जुर्माने से दंडित किया, जबकि 4 अन्य आरोपित के खिलाफ मामला लम्बित रखा है।
अपराधियों के मन में भय रहे
महिला उत्पीडऩ क्रम एक अदालत के विशिष्ट न्यायाधीश मनीष अग्रवाल ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा कि आरोपित द्वारा किया गया अपराध काफी गम्भीर प्रकृति का है। ऐसे अपराधियों को कानून की नजर में उचित दंड दिया जाना चाहिए। इससे अपराध करने वालों के मन में भय व्याप्त हो और ऐसे अपराधियों की वृद्धि नहीं हो।