कोटा

राजस्थान में हो रही अमरीका के सुपर फूड की खेती, कुंडाल के चार किसान दक्षिण अमरीका से भारत पहुंकर कर रहे चिया की खेती

Chia Cultivation In Rajasthan: स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक गुणों के कारण चिया को वैश्विक स्तर पर सुपर फूड की श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल किसानों ने छोटे स्केल पर इसकी खेती की है।
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Updated: 27 Dec 2024, 12:03 PM IST
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Rajasthan News: पेस्टीसाइड्स के जमाने में इंसान अब खाने की थाली में क्वांटिटी की जगह क्वालिटी फूड की तलाश कर रहा है। ऐसे में किसानों ने भी सुपर फूड्स को खेतों तक पहुंचाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पारम्पारिक खेती के साथ- साथ कुंडाल के चार किसान दक्षिण अमरीका से भारत पहुंचे चिया की खेती शुरू कर दी है। नितेश कुमार, नंदकिशोर, सुरेश ,बरदीलाल गुर्जर ने बताया कि नई फसल बोई है अभी कितना मुनाफा मिलता है बाद में देखा जाएगा।

बलराम प्रजापत ने बताया स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक गुणों के कारण चिया को वैश्विक स्तर पर सुपर फूड की श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल किसानों ने छोटे स्केल पर इसकी खेती की है। इस साल इसका रकबा बढ़ने की उम्मीद है।

रोटी, दलिया, हलवा के रूप में खाया जाता चिया

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर शंकरलाल जाट बताते हैं कि दक्षिण,पश्चिम अमरीका तथा मैक्सिको के कई हिस्सों में चिया के बीज को उगाया जाता है। वहां इसका उपयोग मुख्य खाद्य पदार्थ के रूप में होता है। इसे रोटी, दलिया, हलवा या अंकुरित सलाद के रूप में खाया जा सकता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल चाय के लिए भी किया जाता है।

डॉ जाट ने बताया कि चिया को अधिक पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों के कारण सुपर फ़ूड के रूप में जानते है। इसमें प्रचुर मात्रा में पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर, विटामिन एवं ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। इसके बीज को एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह पी सकते हैं।

देश के विभिन्न इलाकों में हो रही खेती

देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी खेती हो रही है। किसान इससे बेहतर आय भी अर्जित कर रहे हैं। चिया में कम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, रेशा तथा वसा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस वजह से इसकी डिमांड क्वालिटी फूड की थाली में बढ़ी है।

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27 Dec 2024, 12:03 PM IST
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