
कोटा. आने वाले सालों में अलनिया बांध के सिंचित क्षेत्र के 50 गांवों के किसानों के अंतिम छौर तक के खेत पानी पहुंच सकेगा। इससे किसानों के खेत सरसब्ज होंगे और कृषि उत्पादन बढ़ेगा। राज्य सरकार ने हाल में इस बांध की नहरों की मरम्मत व जीर्णोद्धार के लिए 11 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
अलनिया बांध के निर्माण के बाद से ही 50 गांवों में फैली इसकी नहरों और वितरिकाओं की मरम्मत नहीं हुई थी जिससे इस बांध का अधिकांश पानी व्यर्थ बहकर निकल जाता था और कुल क्षमता की 70 फ ीसदी जमीन पर ही सिंचाई हो पाती थी। पहली बार 2016 में भाजपा शासन में तत्कालीन विधायक भवानी सिंह राजावत ने प्रयास किया और उनकी अनुशंषा पर राज्य सरकार ने 25 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की थी, जिससे बांध में ड्रिलिंग व ग्राउटिंग, इसकी दोनों मुख्य नहरों, वितरिकाओं एवं विभिन्न माइनरों के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य करवाए गए थे। इसका परिणाम यह हुआ कि उसके बाद से ही रिसाव से व्यर्थ बहकर जाने वाला 90 फ ीसदी पानी अंतिम छोर के किसानों के खेतों में पहुंच सका। राजावत ने बताया कि किसानों के हित के लिए लगातार प्रयासरत रहे।
जल संसाधन विभाग के माध्यम से प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाए थे। राज्य सरकार ने 11 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी। नाबार्ड से बजट जारी होने के बाद ही इस स्वीकृति के अनुसार निर्माण कार्य प्रारम्भ हो सकेगा।