
कोटा . देव प्रबोधिनी एकादशी से हो रहे शादी समारोह व मांगलिक आयोजनों पर शनिवार से ब्रेक लग जाएगा। शुक्रवार रात करीब पौने तीन बजे सूर्य , वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही मलमास शुरू हो जाएगा और मांगलिक आयोजन थम जाएंगे। सूर्य एक माह के बाद १४ जनवरी को धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद मांगलिक आयोजनों पर लगी रोक हटेगी। हालांकि इस बार मांगलिक आयोजन फरवरी से शुरू होंगे।
इसलिए लम्बा ब्रेक
ज्योतिषाचार्य के अनुसार मलमास शुरू होने के अलावा शुक्रवार को ही विवाह का प्रमुख कारक शुक्र तारा भी इस दौरान अस्त रहेगा। आचार्य धीरेन्द्र के अनुसार मकर संक्रांति के बाद से मांगलिक आयोजन शुरू हो जाते हैं, लेकिन शुक्र के विवाह का प्रमुख कारक होने से इसके अस्त रहते मांगलिक आयोजन शुभफलदायक नहीं माने जाते। यह तीन फरवरी को उदय होगा। इसके बाद ही मांगलिक आयोजन शुरू होंगे।
फिर होंगी शादियां
शुक्रोदय के बाद 6,7,18 फरवरी व 6 व 8 मार्च को मांगलिक आयोजन होंगे। इसके बाद फिर से मार्च मध्य में सूर्य मीन राशि में करेगा और मांगलिक आयोजन थम जाएंगे।
फुर्सत में रहेंगे टैंट व बैंड-बाजे वाले
गत दिनों से व्यस्त चल रहे कई व्यवसायी मांगलिक आयोजनों के थमने से अब कुछ दिन फुर्सत में रहेंगे। बैंड बाजे, टैंट व्यवसाय, केटरिंग समेत कई वैवाहिक आयोजनों से जुड़े लोग करीब डेढ़ से दो महीने तक आराम में रहेंगे। वहीं, कुछ अन्य व्यवसायी भी मांगलिक आयोजनों के ब्रेक से प्रभावित रहेंगे। इसी तरह मैरिज गार्डन, सामुदायिक भवन पर भी इन दिनों रौनक कम ही नजर आएगी। इसके अलावा शादी वाले घर में शहनाइयां व लेडिज संगीत की गूंज भी दो महीने बाद ही सुनाई देगी।