6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सावधान! आप सिटी बस में सफर करते हैं तो चेक कर लिजिए अपना टिकट कहीं फर्जी तो नहीं, 6 करोड़ के बंट चुके अब तक

कोटा की सिटी बसों में पिछले 8 महीने से ऐसा खेल खेला जा रहा था की निगम को 6 करोड़ की चपत लगा दी गई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Updated: 14 Dec 2017, 7:53 AM IST

Fake ticket in Kota City Buses

कोटा . लम्बे इंतजार के बाद शुरू हुई नगरीय परिवहन बसों में यात्रियों को फर्जी टिकट भी दिए जा रहे हैं। निगम के टिकटों से मिलते हूबहू टिकट छापकर गिरोह परिचालकों के जरिये यात्रियों को दे रहा। इस कारस्तानी से निगम को अब तक लाखों का फटका लग चुका।

Read More: असुरक्षित व्यापारी पहुंचे पुलिस के पास, एसपी बोले अब नहीं बचेंगे अपराधी करेंगे ऐसे बंदोबस्त



निगम टीम ने गुप्त सूचना पर एरोड्राम से इन फर्जी टिकटों के साथ एक युवक को धर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 18 हजार मूल्य के टिकट जब्त कर लिए। बसों का घाटा बढऩे पर आयुक्त ने निगम की टीम को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद निगम की टीम निगाह रखी रही थी।

Read More: केन्द्रीय टीम पहुंची गांवों में, पेयजल व स्वच्छता की कर रही जांच

टीम को बुधवार को सूचना मिली कि एक युवक सिटी बसों के जाली टिकट देने के लिए एरोड्राम सर्किल के पास एक होटल के बाहर खड़ा है। टीम मौके पर पहुंची और आरोपित युवक ललित कुमार सिंह को कोटा बस सर्विसेज लि. के 15-15 रुपए के बण्डल के टिकटों के साथ धर लिया। युवक के पास 18 हजार रुपए मूल्य के टिकट मिले। निगम टीम ने उसे विज्ञान नगर थाना पुलिस को सौंपकर मामला दर्ज करा दिया। आरोपित ने खुद को दुर्गा प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारी बताया है।


बस चालक की सूचना पर हुआ भण्डाफोड़
निगम के गैराज अनुभाग के कनिष्ठ अभियंता व सिटी बसों के जांच अधिकारी अजीतसिंह चौधरी ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि एक सिटी बस चालक ने सूचना दी थी कि बसों में कुछ लोग गलत टिकटों का धंधा कर रहे हैं। इस पर निगम ने स्टेशन क्षेत्र के तुल्लापुरा निवासी ललित कुमार को पकड़ा।

Read More: अब चोरी और लूट हुई तो बचकर नहीं पिटकर जाएगा लुटेरा, बरसेंगे लठ पे लठ



ठेका कम्पनी की भूमिका संदिग्ध
कोटा बस सर्विसेज लि. ने मैसर्स आर्या ट्रांस सोल्यूशंस कोटा के माध्यम से चालक-परिचालक लगाए हैं। जाली टिकटों को लेकर कम्पनी तथा चालक-परिचालकों की भूमिका भी संदिग्ध मानी है। पुलिस अब सभी पहलुओं पर जांच करेगी। ठेका कम्पनी की ओर से 1 से 5 दिसम्बर तक के इसी सिरीज के टिकट परिचालकों को पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके खिलाफ पूर्व में भी घालमेल की शिकायत की गई थी।


छह करोड़ का घाटा
नगरीय परिवहन सेवा के तहत शहर में 24 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। करीब आठ माह में ही सिटी बसों के संचालन में छह करोड़ का घाटा हो गया। पिछले दिनों आयुक्त ने भी सिटी बसों की जांच की थी, इसमें भी फर्जी परिचालक को पकड़ा था।

पुलिस उप निरीक्षक अब्दुल रशीद ने बताया कि आरोपित के पास से जाली टिकटों की 12 गड्डी पकड़ी हैं, प्रत्येक गड्डी में 99 टिकट थे। प्रत्येक टिकट 15 रुपए का है। उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।