कोरबा

बारां कृषि मंडी में हड़ताल जारी, नहीं बनी सहमति, विफल हुई वार्ता

यहां कृषि उपजमंडी समिति में भर्ती के वजन व दरों के निर्धारण को लेकर जारी विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।
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Updated: 7 Feb 2017, 5:57 PM IST
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यहां कृषि उपजमंडी समिति में भर्ती के वजन व दरों के निर्धारण को लेकर जारी विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार दोपहर मंडी प्रशासन की मौजूदगी में मंडी व्यापारियों व हम्माल मजदूर संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता एक बार फिर विफल हो गई। वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित हम्माल मजदूरों ने मंडी सचिव के कक्ष से बाहर निकल कर नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं व्यापारी बैठक छोड़कर चले गए। मंडी में मंगलवार को सातवें दिन भी हड़ताल के चलते कामकाज ठप रहा।

25 मिनट चला वार्ता का दौर

दोपहर को मंडी सचिव जवाहरलाल नागर ने हम्माल मजदूर संघ के पदाधिकारियों व मंडी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की उनके कार्यालय कक्ष में संयुक्त बैठक आयोजित की थी। करीब 25 मिनट चली बैठक में हम्माल मजदूर संघ अध्यक्ष पप्पूलाल ऐरवाल व अन्य पदाधिकारियों ने पक्ष रखते हुए भर्ती का वजन करने की बात ही थी। इसके बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष देवकीनन्दन बंसल ने कहा कि मंडी के सफलतापूर्वक संचालन से हम्माल मजदूर, व्यापारी, किसान आदि सभी वर्गो का हित जुड़ा हुआ है, सभी को मिलजुलकर इसे चलाना है। प्रदेश की अन्य मंडियों में जो दर तय है उसी के मुताबिक यहां भी दर निर्धारित है। अब जहां तक वजन कम करने की बात है तो सभी मंडियों में वजन निर्धारण होगा तो उसे यहां भी लागू कर दिया जाएगा।

सरकार से है मांग तो हमारा क्या है काम

इस दौरान हम्माल मजदूर संघ अध्यक्ष ऐरवाल ने कहा कि सरकार को 50 किलो वजन का निर्धारण करना चाहिए। इस मांग को लेकर बारां ही नहीं प्रदेश के कोटा, बूंदी, रामगंजमडी व सवाईमाधोपुर व दौसा आदि कई जगह की मंडिय़ां बंद पड़ी है। सरकार से मांग है कि वह इसका निर्धारण करें। इसके बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष देवकीनन्दन बंसल ने कहा कि मांग ही सरकार से है तो इसमें हमारा क्या काम, हम तो चलते है। यह कहते हुए वह बैठक छोड़़कर चले गए तो हम्माल मजदूर संघ पदाधिकारी भी चले गए। बाद में उन्होंने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।

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