कोटा

अब दूर नहीं होगा मंजीलों का सफर, दूसरों के भरोसे नहीं अब खुद करेंगे राहें तय

कोटा. जो दिव्यांग अब तक दूसरों के भरोसे शहर कर राहें तय कर रहे थे, वे अब अपने कार्य खुद के स्पेशल वाहनों से कर सकेंगे।

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Nov 28, 2017

जो दिव्यांग अब तक दूसरों के भरोसे शहर कर राहें तय कर रहे थे, वे अब अपने कार्य खुद के वाहनों से कर सकेंगे। सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल देगी। खास बात यह है कि इस ट्राई साइकिल में दिव्यांगो को न तो पेट्रेाल का खर्च वहन करना पड़ेगा न ही यह वाहन वायु को प्रदूषित करेगा। सूत्रों के अनुसार मोटराइज्ड ट्राई साइकिल बेटरी चलित होगी। दिव्यांग इस वाहन की बेटरी को चार्ज करेंंगे और अपनी मंजिलों का सफर तय करेंगे। विभागीय प्रक्रिया के तहत दिव्यांगों को यह वाहन दिए जाएंगे।

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इनको मिलेगी ये सौगात
दिनेशालय विशेष योग्यजन के अनुसार यह बेटरी चलित वाहन 18 वर्ष से अधिक आयु के दियांगोकं को दिया जाएगा। विद्यार्थी वर्ग के लिए दो वर्ष की छूट रेगी। इसके चलते 16 वर्ष की आयु वाले विद्यार्थी भी इस वाहन के लिए आवेदन कर सकंगे। ऐसे दिव्यांंग जिनके तीन चार अंग या शहरी का अधा भाग गंभीर रूप से बाधित हो। मानसिक रूप से विकलांग नही हो। परिवार की मासिक आय 15 हजार से ज्यादा न हो। ऐसे विशेषयोग्य जन जो पूर्व में मोटराइज्ड ट्राइसाइकल ले चुके हैं उन्हे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।


सांसद विधायक कोष बनेगा मददगार

सामाजिक न्याय एवं अािधकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वाहन की कीमत 37 हजार रूपए है। भारत सरकार की एडिप योजना के अन्तर्गत 25 हजार रुपए सरकार वहन करेगी, वहीं वहीं शेष राशि सांसद, विधायक, स्वयं सेवी संस्था या इच्छुक विशेष योग्यजन वहन करेंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपनिदेशक राकेश वर्मा का कहना है कि दिव्यांगों को सरकार बेटरी चलित वाहन देगी। इसके लिए सरकार की ओर से दिशा निर्देश आए हैं। जल्द ही सरकार योजना की प्रक्रिया के तहत पात्र दिव्यांगों को बेटरी चलित वाहन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे।

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Published on:
28 Nov 2017 09:38 pm
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