सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों ने धरना प्रदर्शन किया।
SI Bharti: राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को कोटा संभाग से आए चयनित अभ्यर्थियों ने अंटाघर स्थित शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने माता-पिता, पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ मौजूद रहे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश ने उनकी जिंदगी पर संकट खड़ा कर दिया है और यह फैसला उनके पूरे परिवार के साथ अन्याय है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी और सालों तक मेहनत करने के बाद चयनित हुए। कई उम्मीदवारों ने अन्य सेवाएं छोड़कर इस परीक्षा की तैयारी की और सफलता पाई। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जॉइनिंग भी हो चुकी थी, लेकिन कोर्ट के आदेश ने सब कुछ छीन लिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब दोबारा तैयारी करना उनके लिए संभव नहीं है, क्योंकि परिवार की जिम्मेदारियां और हालात इसकी इजाजत नहीं देते।
चयनित अभ्यर्थी की पत्नी कुसुम कुमावत ने भावुक होकर कहा, अचानक हमारी दुनिया उजड़ गई। हमारी मांग है कि जिस तरह सिंगल बैंच में सरकार ने साथ दिया, उसी तरह डबल बैंच में भी वह हमारे लिए खड़ी हो। यह फैसला 800 मेहनती उम्मीदवारों की मेहनत को खारिज करता है। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी सरकार और न्यायपालिका पर भरोसा है कि निर्दोष अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।
अभ्यर्थी लालाराम कुमावत ने बताया कि वे ईमानदारी से परीक्षा पास कर ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और सेवा में योगदान भी दे रहे थे, लेकिन कोर्ट का आदेश उन्हें फिर से चार साल पीछे धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने उनके बूढ़े मां-बाप, पत्नी और बच्चों की उम्मीदों को तोड़ दिया है।
बूंदी के बूद्दी प्रकाश मीना ने बताया कि पहले रीट की परीक्षा रद्द हुई, इसके बाद एसआई की भर्ती को भी रद्द कर दिया है। मेरे पिता का देहांत बचपन में हो गया था। मां ने स्कूल में खाना बनाकर पढ़ाया है। मेरी बहन को सात से आठ साल पढ़ाई करके ये नौकरी मिली थी, लेकिन इस फैसले से हमारी भी उम्मीद टूटती जा रही है।