एक महिला बार-बार तेज आवाज में बोल रही और तेज-तेज हिल रही थी। उसके साथ आए लोगों ने कहा कि उसके देवता आए हैं।
कोटा. एमबीएस अस्पताल में अंधविश्वास और टोने-टोटके करने का सिलसिला लगातार चल रहा है। रविवार को एक बार फिर कुछ लोग टोटका करने एमबीएस पहुंचे। ग्रामीण परिवेश के ये लोग सोनोग्राफी रूम में बिना अनुमति प्रवेश कर गए।
उनके साथ एक महिला थी, जो बार-बार तेज आवाज में बोल रही और तेज-तेज हिल रही थी। उसके साथ आए लोगों ने कहा कि उसके देवता आए हुए हैं। इन लोगों ने कमरे में अनाज के दाने बिखेरे और कथित पूजा-पाठ कर आत्मा को बुलाने का प्रयास किया।
साथ ही, अगरबती, माला, नींबू के साथ दीपक लगाया और एक जोत के रूप में आत्मा को साथ ले गए। इन लोगों ने बताया कि करीब 15 साल पहले बूंदी निवासी हरिराम की बीमारी के चलते एमबीएस अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद अन्य परिजन बीमार रहने लगे तो किसी ने उन्हें हरिराम की आत्मा लाने की सलाह दी।
महिला कार्मिक ने दिखाई हिम्मत
सुरक्षा कार्मिकों ने इन लोगों को प्रवेश करने और पूजा पाठ से भी नहीं रोका। स्टाफ ने इसकी जानकारी प्रबंधन को भी नहीं दी, केवल मूकदर्शक बने रहे। एक महिला स्टाफ कर्मी दीक्षा जब आई तो उसने इन लोगों को बाहर निकलने को कहा, एेसे में उनके साथ देवता आने का कहने वाली महिला चिल्लाने लगी और महिला कार्मिक पर नाराज होने लगी। टोने-टोटके का यह ड्रामा काफी देर तक चलता रहा। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है। इसके बाद महिला कार्मिक दीक्षा ने सख्ती दिखाई और पुलिस को बुलाने का कहा तो ये लोग तुंरत अस्पताल से निकल बाहर खड़ी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।
आईसीयू तक में कर चुके हैं टोना टोटका
एेसा ही एक वाकया तीन माह पहले 24 जून को न्यूरोसर्जरी आईसीयू में हुआ था। इसमें कुछ अंधविश्वासी लोग तांत्रिक के साथ पहुंचे और टोना टोटका करने लगे। इन लोगों ने बताया कि वे आत्मा लेने आए हैं। उन्होंने करीब दो मिनट आईसीयू में टोना टोटका किया। इस दौरान स्टाफ मूकदर्शक बना रहा। आईसीयू में हुए टोटके को अस्पताल प्रशासन ने गंभीर माना था और एेसी पुनरावृति नहीं हो इसके लिए सुरक्षा कार्मिकों को पाबंद किया था, लेकिन फिर भी सुरक्षा कार्मिक बेबस होकर मसले को देखते रहे।