कोटा में किसान सभा में अन्‍ना हजारे ने कहा कि केन्द्र में किसानों की नहीं, उद्योगपतियों की यानी अडानी-अम्बानी की सरकार है।
कोटा . समाजसेवी अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कोटा में डीसीएम रोड स्थित फ्लाईओवर के पास किसान सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र में उद्योगपतियों की यानी अडानी-अम्बानी की सरकार है। इसका फाउंडेशन बहुत मजबूत है। ऐसे नहीं जाएगी। पीएम नरेन्द्र मोदी को उद्योगपतियों की ज्यादा चिंता है। किसानों की नहीं। तभी तो किसान आए दिन आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि 22 साल में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके, लेकिन आज दिन तक एक भी उद्योगपति ने आत्महत्या की हो तो बताओ। देश तो आजाद हो गया, लेकिन किसान, मजदूर आज भी वैसा का वैसा ही है। गोरे गए, काले आए। आज भी गरीब आजाद नहीं हुआ। उन्हें उनके अधिकार नहीं मिल रहे।
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अब चुप नहीं बैठूंगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि विदेशों जमा कालाधन वापस लाना है। सरकार को साढ़े तीन साल हो गए। आज दिन तक मेरे जैसे आदमी के खाते में 15 लाख तो दूर 15 रुपए तक नहीं आए। साढ़े 3 साल से मैं चुप बैठा रहा, सिर्फ सरकार को पत्र लिखता रहा। अब बोलना शुरू किया है। सरकार को पहले ही बता दिया, 22 मार्च तक किसानों की उपज का बिक्री तक का मूल्य मिलने का कानून नहीं बनाया। राज्य व केंद्र के कृषि मूल्य आयोग को हटाकर उसे स्वायत्ता नहीं दी, 60 वर्ष पार कर चुके भूमिहीन किसानों, मजदूरों को 5 हजार रुपए की पेंशन का कानून नहीं बनाया तो 23 मार्च से फिर से रामलीला मैदान दिल्ली में बैठूंगा। चाहे इसके लिए मुझे फिर से जेल ही क्यों न जाना पड़े। सभा में अन्ना ने हेल्पलाइन नम्बर भी बताए। साथ ही बताया कि इन नम्बर पर मिसकॉल करने से उनके लक्ष्य, आगामी कार्यक्रम की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।
यह भी बोले
सभा में हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने कहा कि दलीय राजनीति से उपर उठकर समाज, देश, ग्राम स्वराज के लिए महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण ने सोचा था, लेकिन वे अब नहीं हैं। अब हमारे सामने अन्ना ही बचे हैं। इनके बूते पर देश आगे बढ़ेगा। इस दौरान लघु उद्योग काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती, आरएपीपी के पूर्व स्थल निदेशक सीपी झाम्ब, अर्थशास्त्री डॉ. गोपाल ङ्क्षसह, केबी नंदवाना, किसान प्रतिनिधि बद्रीलाल बैरागी, कालूलाल मीणा आदि मंचासीन थे। संचालन पुरुषोत्तम पंचोली ने किया।