कोटा

निगम का सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव , करेगा स्थायी कर्मचारियों की सफाई

नगर निगम की ओर से शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की योजना शुरू करने के बाद अब सफाई व्यवस्था में की जा रही है बड़े बदलाव की तैयारी।
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Jan 27, 2018
Clean city Kota campaign

नगर निगम की ओर से शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की योजना शुरू करने के बाद अब सफाई व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। निगम सभी 65 वार्डों में सफाई का जिम्मा ठेका कर्मचारियों को देगा और स्थायी कर्मचारियों को वार्डों से हटाया जाएगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। पार्षद पिछले तीन साल से वार्डों में स्थायी सफाई कर्मचारियों का समानीकरण करने की मांग कर रहे थे, लेकिन विरोध की आशंका के चलते निगम ने सफाई व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया। पार्षदों का दबाव था कि स्थायी सफाई कर्मचारियों की वजह से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थी, इसलिए नई व्यवस्था लागू की जाए।

कार्यसमिति की बैठक में लगी मुहर
आयुक्त ने स्थायी सफाई कर्मचारियों को वार्डों से हटाने का फार्मूला तैयार किया है। पहले महापौर व उप महापौर से चर्चा की गई। इस प्रस्ताव पर कार्यसमिति की बैठक में भी मुहर लगाई जा चुकी है। स्व'छता सर्वेक्षण के बाद बदलाव किया जाना प्रस्तावित है। निगम में 900 से अधिक स्थायी सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे ज्यादा स्थायी कर्मचारी कोटा उत्तर के पार्षदों के वार्डों में हैं।

मुख्य मार्गों पर तैनात करने की तैयारी
निगम प्रशासन स्थायी सफाई कर्मचारियों को वार्डों से हटाकर मुख्य मार्गों व वीआईपी दौरे के दौरान सफाई व्यवस्था में लगाने की तैयारी में है। मुख्य मार्गों पर आसानी से निगरानी की जा सकती है। सफाई नहीं होने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। इसके तहत शहर की सफाई व्यवस्था को तीन जोन में बांटकर स्थायी सफाई कर्मचारियों के विशेष दल बनाए जाएंगे।


बैठक में लिया निर्णय
महापौर महेश विजय का कहना है कि कार्य समिति की बैठक में स्थायी सफाई कर्मचारियों को वार्डों से हटाकर अन्य सफाई के लिए अन्य टास्क पर लगाने का निर्णय किया गया है।

Published on:
27 Jan 2018 12:50 pm