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Viral Video Fact Check: ‘कोटा के हॉस्टल में पंखों पर लगाई जाली’ वाला वीडियो फर्जी, प्रशासन ने यूजर्स को दी चेतावनी

Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'कोटा के हॉस्टल में पंखों पर जाली' वाले वीडियो को लेकर बड़ा फैक्ट चेक सामने आया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।

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कोटा

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Akshita Deora

May 07, 2026

Kota Viral Video Fact Check

वायरल वीडियो से लिया स्क्रीनशॉट

Kota Hostel Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हॉस्टल के कमरे में लगे पंखों को लोहे की जाली से ढका हुआ दिखाया गया है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह व्यवस्था कोटा के हॉस्टलों में छात्रों को आत्महत्या से रोकने के लिए की गई है। लेकिन अब इस वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आ चुकी है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी जानकारी

कोटा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक है और इसका कोटा शहर या यहां के किसी भी हॉस्टल से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक पोस्ट जारी कर बताया कि कोटा में ऐसा कोई हॉस्टल मौजूद नहीं है, जहां पंखों पर इस तरह की जाली लगाई गई हो।

अधिकारियों के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठी और सनसनीखेज जानकारी फैलाकर कोटा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कोटा देशभर में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है, जहां हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की फेक खबरें छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम पैदा कर सकती हैं।

प्रशासन ने दी चेतावनी

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोटा में कई जरूरी नियम और व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं। जिला प्रशासन लगातार कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों के साथ मिलकर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर काम कर रहा है। वायरल वीडियो में दिखाई गई व्यवस्था किसी भी आधिकारिक सुरक्षा नियम का हिस्सा नहीं है।

इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फर्जी वीडियो और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर किसी भी खबर या वीडियो को बिना जांचे साझा करना गलतफहमी फैलाने का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।