ओखी साइक्लोन की दस्तक के साथ राजस्थान में शीतलहर चलने लगी है। ठिठुनरन बढ़ने से बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
अरब सागर से चले ओखी तूफान ने राजस्थान में पहुंचकर लोगों की कंपकपी छुड़ा दी। लगातार 24 घंटे तक बारिश की वजह से कोटा और आसपास के इलाकों में एक ही दिन में तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सर्दी के असर से शहर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। जिन बाजार, दुकानों में दिनभर ग्राहकों की आवाजाही रहती थी, वहां इक्के-दुक्के लोग आते-जाते नजर आए। बाजारों में सन्नाटा रहने से कई दुकानदार सुस्ताते रहे, अलाव तापते दिखे। कई ने अपने प्रतिष्ठान तक नहीं खोले।
मौसम विज्ञानी नंदबिहारी मीणा ने बताया कि अरब सागर में ओखी चक्रवात सक्रिय है। यह लक्षद्वीप से दक्षिण-पूर्व की ओर 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ज्यादा असर तमिलनाड़ु, केरल में देखा गया। लेकिन धीरे-धीरे गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान की ओर भी असर आ रहा है। मंगलवार तड़के से चली बारिश इसी वजह से है। बुधवार को भी बूंदाबांदी रहेगी। बादल छाए रहेंगे। जाहिर है, सर्दी और बढ़ेगी।
किसानों को लगा धक्का, फसलें भीगीं
बरसात से भामाशाह मंडी में खुले नीलामी स्थलों पर रखी विभिन्न कृषि जिंस भरी 1000 बोरी भीग गई। कई ढेर भी भीग गए। एेसे में किसानों को कम दाम में उपज बेचनी पड़ी। मंडी के कवर्ड नीलामी स्थलों पर अधिकांश जगह पर व्यापारियों की बोरियां रखी हुई हैं। कई व्यापारियों ने नीलामी स्थलों पर रखी बोरियों का उठाव नहीं किया। एेसे में किसानों को खुले आसमान के नीचे उपज के ढेर करने पड़े। बरसात आने से उनकी उपज भीग गई।
फसलों के लिए बरसा अमृत
जानकारों के मुताबिक बरसात रबी फसलों के लिए अमृत का काम करेंगी। कृषि विभाग के अनुसार इस मावठ से फसलों को जीवनदान मिलेगा। जमीन गीली होने से लहसुन, सरसों, धनिया, मैथी, चना, गेहूं आदि फसलों करीब एक पखवाड़े तक सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहेगी।