लखवी के आतंकी भांजे को एनकाउंटर में ढ़ेर करने वाले सीआरपीएफ कमांडेंट चीता ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को करारा जवाब दिया है।
सीआरपीएफ कमांडेंट और कीर्ति चक्र विजेता चेतन चीता ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को करारा जवाब देते हुए कहा है कि कोई माई का लाल उन्हें तो दूर देश के किसी भी नागरिक को कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि राजनीति की गंदी चालों के चलते देश के हालात बिगड़ रहे हैं। इसे अब बंद करना ही होगा। कश्मीर की समस्या पर चीता ने कहा कि इसका समाधान सिर्फ राजनीतिक समझदारी से ही निकाला जा सकता है। फौजी कार्रवाई से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला।
16 गोलियों से छलनी शरीर से भी मौत को हरा देने वाले जांबाज सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने कश्मीरी अलगाव की बात करने वाले नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूख अब्दुल्ला को माकूल जवाब दिया है। कोटा आए चीता ने कहा कि 'हम ठान लें तो हमें लाल चौक पर झंडा फहराने से कोई रोक नहीं सकता।' हालांकि साथ ही कहा- कश्मीर समस्या का समाधान कभी भी आर्मी नहीं हो सकती, केवल पॉलिटिशियंस ही इसका समाधान निकाल सकते हैं। कोटा आने के बाद चीता मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने जंग के मैदान से लेकर राजनीति पर खुल के बात की। कहा-सरकार को आतंकवाद पर और बोल्ड डिसिजन लेने होंगे।
बिगड़े बोल : ये कहा था फारुख अब्दुल्ला ने
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूख अब्दुल्ला ने 27 नवंबर को कहा था कि वे (केंद्र सरकार और भाजपा) पाक अधिकृत कश्मीर में तिरंगा फहराने की बात कर रहे हैं, मैं उनसे कहता हूं कि श्रीनगर के लाल चौक में तो पहले तिरंगा फहरा कर दिखा दें, पीओके की बात बाद में करना।' जिसका माकूल जवाब कमांडेंट जीता ने शुक्रवार को दिया।
धारा 370 को बताया अलग-थलग करने की कोशिश
धारा 370 पर कमांडेंट चीता ने कहा कि कश्मीर से भारत को अलग-थलग करने में धारा 370 का अहम रोल है। हम हमारे ही देश में जमीन नहीं खरीद सकते। वहां बस नहीं सकते। आखिर ऐसे कानूनों क्या जरूरत जो देश को ही बांट दे। इससे सेना भी परेशान है।