जन्मजात हृदय में छेद की बीमारी से ग्रसित था सचिन अब वह ठीक हो गया है।
कोटा.
कोटा का एक बच्चा जो अपनी जन्मजात दिल में छेद की बीमारी से पीडि़त था वह अब फिर से दौड़ सकेगा। जहां बाकी बच्चे खेलते रहते थे तब वह उन्हे सिर्फ देखकर मायूस होता रहता था कि क्या कभी वो भी उनकी तरह दौड़ सकेगा। और बस यही सोच कर रह जाता लेकिन आज वह दिन आ गया जब वह उस बीमारी से निजात पा चुका है अब वह भी बाकी बच्चों की तरह फिर से दौड़ सकेगा उनके साथ खेल सकेगा।
डीसीएम क्षेत्र स्थित इन्द्रा गांधी नगर निवासी सचिन (15) टॉफ (जन्मजात हृदय में छेद की बीमारी) से ग्रसित था। चिकित्सा विभाग की आरबीएस कार्यक्रम के तहत निजी अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया गया। आरबीएस अस्पताल में संभाग का इस तरह का पहला ऑपरेशन है।
आरसीएचओ डॉ. महेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि सचिन के परिजनों ने उसको कई जगह दिखाया, लेकिन फर्क नहीं पड़ा। आरबीएस की मोबाइल टीम के सम्पर्क में आने पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चयनित होने पर कोटा हार्ट अस्पताल में रैफर किया। यहां डॉ. राकेश जिंदल ने उसकी टू-डी इको व एंजियोग्राफी की।
निश्चेतना विभाग के डॉ. ललित गोयल, कैलाश मित्तल, डॉ. ललित मलिक व प्रमोद नागर की टीम ने उसकी हार्ट की सर्जरी की। डॉ. ललित ने बताया कि सचिन टॉफ जटिल बीमारी की श्रेणी में आती है। जिसमें बच्चे का शरीर पूरा नीला पड़ जाता है। शरीर का शारीरिक विकास भी नहीं होता और बार-बार सांस फूलने लगती है। ऑपरेशन के चार घंटे बाद ही बच्चे ने खाना-पीना शुरू कर दिया। वह अब बिल्कुल स्वस्थ है।