अभिभावक महासंघ अध्यक्ष क्रांति तिवारी ने सरकार से मांग की
कोटा. कोरोना के चलते पूरा शहर लॉक डाउन है। सभी लोग घरों में कैद है। जनजीवन ठहर सा गया। ऐसे संकट की घड़ी में प्राइवेट स्कूलों को भी आगे आना चाहिए। अभिभावक महासंघ अध्यक्ष क्रांति तिवारी ने सरकार से मांग कि प्राइवेट स्कू लों में बच्चों की तीन माह की फीस माफ होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब बच्चे पढ़ नहीं रहे, स्कूल स्टाफ आ नहीं रहा तो फि र फ ीस किस बात की। उनका कहना है कि इस वैश्विक महामारी में अभिभावकों को राहत देते हुए प्राइवेट स्कू लों को बच्चों का अगले तीन माह अप्रेल, मई व जून का शिक्षण शुल्क माफ कर देना चाहिए। इससे गरीब व मध्यम परिवारों के अभिभावकों को काफी मदद मिलेगी।
700 भोजन के पैकेट वितरित
इधर नए कोटा क्षेत्र में रंगबिहार, कम्पीटीशन कॉलोनी समेत आस पास के इलाके में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं कनिष्क शर्माईलू , राहुल खंडेलवाल, महेन्द्र सिंह,अनुपम गुप्ता, सौरभ जैन ने भोजन के 700 पैकेट वितरित किए।
जयंती कार्यक्रम स्थगित, दी सहायता
मीनेश मंदिर समिति तलवंडी की ओर से 21 हजार की सहायता राशि का चैक जिला कलेक्टर को सौंपा गया। मंदिर समिति के संस्थापक बह्मानंद मीणा ने बताया कि इस बार जयंती कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए थे। इसके स्थान पर आपदा के इस समय में सहयोग राशि दी गई। अन्य पदाधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।
अनूठा संकल्प
गुर्जर समाज के लोगों ने कोरोना वाइरस के संक्रमण से आई आपदा के दौरान दूध मनमाने दामों में नहीं बेचेंगे। आमतौर पर कई लोग अवसर का लाभ उठाकर वस्तुओं के मुंह मांगे दाम मांग रहे हैं, लेकिन गुर्जर समाज के लोगों ने अलग अलग जगहों पर दाम नहीं बढ़ाने का संकल्व लिया। किसान नेता व पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर ने दूध वितरक समाज के लोगों को शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर अन्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाएंगे।