
कोटा. कोटा दक्षिण नगर निगम में ज्यादातर क्षेत्र कोटा दक्षिण विधानसभा का आता है। इस क्षेत्र में भाजपा के बूथ प्रबंध का उदाहरण हमेशा दिया जाता रहा है। इस बार कांग्रेस ने भी बूथ प्रबंधन बेहतर करने में जोर लगाया। कांग्रेस ने मतदान के दिन मतदाताओं को घरों से बूथ तक लाने में पूरी ताकत लगाई। वहीं प्रत्याशी तय करने से पहले कोटा दक्षिण विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रही राखी गौतम, रामगंजमंडी विधानसभा के प्रत्याशी रामगोपाल बैरवा, लाडपुरा से प्रत्याशी रही गुलनाज और शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी के साथ कांग्रेस चुनाव पर्यवेक्षक और जिले के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने चर्चा की। इसके साथ ही युवा, महिला और पूर्व पार्षदों से दावेदारी करने वालों में जीतने की संभावना वालों की सूची तैयार की गई। इसके बाद प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं करके सीधे सिंबल निर्वाचन अधिकारियों के यहां पहुंचाने की रणनीति बनाई। प्रत्याशियों को फोन पर सूचना दी गई कि वे नामांकन दाखिल करें। जबकि भाजपा ने पहले ही सूची घोषित कर दी तो इसके साथ ही बागी मैदान में आ गए। भाजपा के एक प्रत्याशी का नामांकन भी खारिज हो गया और एक दो टिकट एनवक्त पर बदले गए। भाजपा में चुनाव प्रक्रिया संचालन का हाथ कोटा से बाहर के नेताओं के हाथ में रहा। पूर्व मंत्री और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ को कोटा का समन्वयक बनाया गया। चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी भी यहां आए। मतदान होने से पहले सभी नेताओं की तबीयत खराब होने के कारण वे क्वारेंटाइन हो गए। शहर भाजपा जिलाध्यक्ष सहित दो जिला महामंत्री भी मतदान से पहले बीमार हो गए। इस तरह एनवक्त पर कांग्रेस ने प्रत्याशियों को जिताने के लिए आक्रमक रणनीति बनाई। इस तरह की रणनीति से कांग्रेस ने भाजपा को टाई पर लाकर छोड़ दिया। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, कांग्रेस से विधानसभा में प्रत्याशी रही राखी गौतम ने इसे विकास की जीत बताया है। वार्ड 65 से विजेता रही शालिनी गौतम, वार्ड 27 से विजेता रहे अनुराग गौतम और वार्ड 58 से विजेता रही शिवांगिनी ने बताया कि जनता से सीधा संपर्क होने के कारण उन्हें जीत मिली है। वे जनता की तकलीफ दूर करने में मददगार बनने का हर संभव प्रयास करेंगे।