कोटा. कोरोनाकाल में कोटा में अनोखा मामला सामने आया है। कोविड अस्पताल में कार्यरत महिला नर्सिंगकर्मी ढाई माह बाद फि र से शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आई है। महिला नर्सिंगकर्मी के दोबारा से पॉजिटिव आने से चिकित्सक भी हैरान है।
कोटा. कोरोनाकाल में कोटा में अनोखा मामला सामने आया है। कोविड अस्पताल में कार्यरत महिला नर्सिंगकर्मी ढाई माह बाद फि र से शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आई है। महिला नर्सिंगकर्मी के दोबारा से पॉजिटिव आने से चिकित्सक भी हैरान है। दोबारा पॉजिटिव आने का यह कोटा का पहला मामला है। सुभाष नगर निवासी 43 वर्षीय महिला जीएनएम है, वो कोविड अस्पताल में कार्यरत है। २१ अप्रेल को कोविड़ ड्यूटी के बाद सेम्पल लिए गए थे। वह 22 अप्रेल को पहली बार जांच में पॉजिटिव मिली थी। उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहां दो बार की जांच में नेगिटिव होने के बाद 1 मई को डिस्चार्ज किया था। महिला नर्सिंग कर्मी को दोबारा कोविड़ वार्ड में 29 जून से 12 जुलाई तक ड्यूटी लगाई। अस्पताल प्रशासन ने 4 दिन होम क्वारेंटाइन दिया। 17 जुलाई वापस अस्पताल में ड्यूटी के लिए बुलाया। ड्यूटी से पहले कोरोना की जांच करवाई। शनिवार दोपहर वह पॉजिटिव आ गई। महिला नर्सिंगकर्मी ने बताया कि उनके खांसी-जुकाम और बुखार जैसे कोई लक्षण नहीं है। बस पैरों में दर्द है।
क्या कहते एक्सपर्ट
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ. मनोज सलूजा ने बताया कि पहला कारण, रोगी के पूर्व में नेगेटिव आया टेस्ट फाल्स नेगेटिव हो सकता है। दूसरा, रोगी के ठीक होने के बाद मृत वायरस के कण गले में लम्बे समय तक मौजूद रह सकते है। एेसे में यह टेस्ट दोबारा पॉजिटिव आ सकता है। तीसरा, अन्तरराज्यीय आवाजाही बढऩे के कारण अन्य स्थानों से भी लोग शहर में पहुंच रहे है। एेसे में वायरस का नया स्ट्रेन आया हो और नर्सिंग स्टाफ उसकी चपेट में आ गई हो।
नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील बताते है कि वैसे तो एक बार पॉजिटिव होने के बाद व्यक्ति के शरीर में एंटी बॉडी डवलप हो जाती है, लेकिन किसी की इम्युनिटी कमजोर हो तो उसकी वजह से व्यक्ति दोबारा भी पॉजिटिव आ सकता है। वैसे कोटा में ऐसा पहली बार हुआ है।