कोटा. अस्पतालों में खराब पड़े आईसीयू मामले में अदालत ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और तीनों अस्पतालों के अधीक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।
कोटा.
संभाग के तीन बड़े अस्पतालों में खराब पड़े आईसीयू के मामले में वकीलों की ओर से पेश जनहित याचिका पर अदालत ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और तीनों अस्पतालों के अधीक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।
एडवोकेट वीरेन्द्र कुमार सक्सेना, उमेश कुमार सक्सेना,केसरीलाल बैरवा, दीपक माहेश्वरी,हितेश जैन व प्रवीण कुमार पनवाड़ ने जिला कलक्टर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एमबीएस व जेके लोन अस्पतालों के अधीक्षकों के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में याचिका पेश की।
इसमें कहा कि ये तीनों ही अस्पताल संभाग के सबसे बड़े हैं। यहां पूरे संभाग से मरीज आते हैं। लेकिन कुछ समय से अस्पतालों के आईसीयू के 65 प्रतिशत उपकरण व वेंटीलेटर खराब और ऑक्सीजन पाइंट लीक हो रहे हैं। साथ ही आईसीयू में 24 घंटे सीनियर डॉक्टर नहीं रहते। इन सभी अव्यवस्थाओं के कारण ही गत दिनों एक आईआईटीयन छात्र चैतन्य की अकाल मौत तक हो चुकी।
याचिका में कहा कि सभी जिम्मेदारों को निर्देशित किया जाए कि आईसीयू के खराब उपकरणों को शीघ्र ठीक कराया जाए। आईसीयू में 24 घंटे सीनियर डॉक्टर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। चिकित्सालय परिसरों में सफाई की भी पुख्ता व्यवस्था की जाए। एडवोकेट वीरेद्र सक्सेना ने बताया कि अदालत ने सभी को नोटिस जारी कर 3 अक्टूबर को जवाब देने को कहा है।
पत्रिका ने किया था खुलासा
गौरतलब है कि 'राजस्थान पत्रिका' ने आईसीयू बदहाल होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। आईआईटीयन चेतन्य की मौत के बाद 'पत्रिका टीम' ने मेडिकल कॉलेज और तीनों बड़े अस्पतालों के आईसीयू की पड़ताल की थी। 'जिनके भरोसे जिन्दा वो ही मुर्दा पड़े हैं' शीर्षक से मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित समाचार में खुलासा किया था कि आईसीयू में 65 फीसदी उपकरण खराब पड़े हैं। आक्सीजन प्वाइंट्स लीक कर रहे। वेंटीलेटर कंडम हालत में हैं।