प्रदेश में अब पुलिस थानों व चौकियों में निजी फर्मों के नाम नजर नहीं आएंगे।
कोटा .
प्रदेश में अब पुलिस थानों व चौकियों में निजी फर्मों के नाम नजर नहीं आएंगे। थानों के बोर्ड पर लगे फर्म के सौजन्य के नाम भी हटेंगे। पुलिस मुख्यालय ने हाल ही इस संबंध में आदेश जारी किया है।
पुलिस के पास बजट की कमी होने से कोटा शहर ही नहीं राज्य के अधिकतर पुलिस थानों और चौकियों में जो जानकारी संबंधी या सूचनात्मक बोर्ड लगे हैं, वे जनसहयोग से लगाए गए हैं।
थानाधिकारी अपने व्यक्तिगत व्यवहार से निजी फर्मों से सहयोग लेकर इस तरह के बोर्ड थानों व चौकियों में लगवाते थे। वर्तमान में शहर के नयापुरा व गुमानपुरा समेत सभी थानों में मुख्यद्वार पर लगे थानों के नाम संबंधी बोर्डों में किसी न किसी फर्म का नाम सौजन्य से लिखा हुआ है। जल्दी ही सभी थानों से इन्हें हटाना होगा।
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क्योंकि प्रभावित हो सकते हैं पुलिसकर्मी
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि निजी फर्मों का इस तरह से सहयोग लेना, पुलिसकर्मियों को कहीं न कहीं प्रभावित कर सकता है। साथ ही, बोर्ड लगाने के बहाने से उस फर्म का प्रचार हो रहा है। चुनावी साल होने से भी इस संबंध में सभी थानों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
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ट्रैफिक गुमटियों पर निजी फर्मों का प्रचार
थाने और चौकियां ही नहीं शहर के चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की जितनी भी गुमटियां हैं, उनमें तो निजी फर्मों ने हद ही कर रखी है। उन गुमटियों पर यातायात पुलिस का नाम व संदेश तो छोटे अक्षरों में लिखा हुआ है, जिसे दूर से पढ़ा भी नहीं जा सकता, लेकिन उस फर्म का नाम दूर से ही नजर आ जाता है। ऐसा किसी एक जगह नहीं सभी जगहों पर देखने को मिल जाएगा।
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हटने लगे बोर्ड
पुलिस मुख्यालय का आदेश मिलते ही थाने व चौकियों से बोर्ड हटने लगे हैं। कई थानों ने तो इसकी कार्रवाई शुरू भी कर दी है। मुख्यद्वार पर लगे बोर्ड भले ही नहीं हटे हों, लेकिन थानों के अंदर लगे बोर्ड हटाकर उनसे निजी फर्मों के नाम मिटवाए जा रहे है या फिर नए बोर्ड बनवाए जाने लगे हैं।