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न्यू मेडिकल कॉलेज प्रशासन बैकफुट पर, बर्खास्तगी अवधि घटाकर 16 दिन की

रेजीडेंट चिकित्सक को बर्खास्त किए जाने से नाराज चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार किए जाने की घोषणा से न्यू मेडिकल कॉलेज प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 27 Mar 2018, 2:37 PM IST

New medical colledge

कोटा .

रेजीडेंट चिकित्सक विनोद जाटव को बर्खास्त किए जाने से नाराज रेजीडेंट चिकित्सकों के सोमवार को कार्य बहिष्कार किए जाने की घोषणा से न्यू मेडिकल कॉलेज प्रशासन बैकफुट पर आ गया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा को अपने ही निर्णय को वापस लेना पड़ा और डॉ. जाटव को तीन माह के लिए बर्खास्त करने के बजाय अवधि घटाकर 16 दिन करना पड़ा। साथ ही डॉ. अक्षय जैन को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हटाकर एमबीएस में लगा दिया गया।

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अतिरिक्त संभागीय आयुक्त प्रियंका गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रिंसीपल डॉ. वर्मा, वाइस प्रिंसिपल डॉ. नरेश राय, डॉ. विजय सरदाना, न्यू अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेद्र विजयवर्गीय ने रेजीडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल से बात कर समस्या समाधान का प्रयास किया।

रविवार रात 12 बजे तक अस्पताल प्रशासन व रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की बैठक चलती रही और अंत में सभी मांगें मानने के बाद कार्य बहिष्कार वापस लिया गया।

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पूर्व शिकायतों की भी होगी जांच
रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंडोलिया, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजमल मीणा ने गोस्वामी को बताया कि पूर्व में भी डॉ. जैन के खिलाफ कई शिकायतें दी गई हैं जिसका अस्पताल प्रशासन ने कोई समाधान नहीं किया।

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इस पर गोस्वामी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने और पुराने मामलों में दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 14 मार्च को इमरजेंसी में लेट आने को लेकर रेजीडेंट चिकित्सक व सहायक आचार्य डॉ. अक्षय जैन के बीच झगड़ा हो गया था।