कोटा

बढ़ रहा पारा होने लगी मंजिलो की राह मुश्किल

सामान्य श्रेणी के कोचों में सफर करने वाले यात्री स्टेशन पर पेयजल की उम्मीद से उतरते हैं, कतार के चलते उन्हें निराशा हाथ लगती है।

2 min read
May 29, 2018
बढ़ रहा पारा होने लगी मंजिलो की राह मुश्किल

कोटा . ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के कोचों में सफर करने वाले यात्रियों को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। लम्बा सफर करने वाले यात्री हर स्टेशन पर शीतल पेयजल की उम्मीद से उतरते हैं, लेकिन कतार के चलते कई बार उन्हें निराशा हाथ लगती है।

ये भी पढ़ें

असंवेदनशीलता: इंसानों की दुनिया में जानवरों की कद्र नहीं, कोटा में सामने आयी निगम की निर्दयता


स्टेशनों पर सामान्य श्रेणी के कोच जहां ठहरते हैं, उनके पास पेयजल की सुविधा नहीं होने से यात्री पानी के लिए इधर-उधर भटकते हैं। कई बार पानी के लिए इतनी लम्बी लाइन लग जाती है कि यात्री की बारी आने से पहले ही ट्रेन को रवाना होने के लिए सिग्नल मिल जाता है।

आरक्षित कोचों के यात्रियों को तो पेन्ट्रीकार के माध्यम से पानी मिल जाता है, लेकिन सामान्य श्रेणी के यात्रियों को पानी साथ रखना पड़ता है, जो लू के थपड़ों से गर्म हो जाता है या फिर जल्द ही खत्म हो जाता है, फिर आगे आने वाले स्टेशन पर पानी की मशक्कत करना उनकी मजबूरी है।

कोटा जंक्शन पत्रिका संवादाता का जाकर जाजया लिया तो पाया कि पानी के कई जगह इंजताम हैं और ठंडा पानी उपलब्ध भी है, लेकिन जहां लम्बी ट्रेनों के सामान्य कोच आकर ठहरते हैं तो वहां पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। यहां प्लेटफॉर्म नम्बर दो पर जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट आई तो पानी के लिए भागदौड़ मच गई। कोटा मंडल के छोटे स्टेशन पर यह समस्या अधिक है।

80 के करीब यात्री ट्रेनें कोटा मंडल से रोज गुजरती हैं
01 लाख के करीब यात्री कोटा मंडल के रास्ते रोज सफर करते हैं
97 के करीब स्टेशन हैं कोटा मंडल में

ये भी पढ़ें

चोरी की LIGHT से रोशन थी बस्‍ति‍यां, KEDL ने उठाया यह कदम
Published on:
29 May 2018 12:28 pm
Also Read
View All