कोटा

Kota: मां-बेटे मिलकर करते थे नशे की तस्करी, पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन, अवैध कब्जे के 2 पक्के मकानों पर चलाया बुलडोजर

Drug Trafficking In Rajasthan: कोटा ग्रामीण पुलिस ने नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के आरोपित मां-बेटे के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। सीमलिया थाना क्षेत्र में प्रशासन और सीएडी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब डेढ़ बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए दो पक्के मकान ध्वस्त किए।

2 min read
Jun 05, 2026
Kota Bulldozer Action
अवैध कब्जों पर हुई कार्रवाई (फोटो: पत्रिका)

Illegal Encroachment Removed From Bulldozer: नशे के कारोबार और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तस्कर मां-बेटे के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। सीमलिया थाना पुलिस, प्रशासन और सीएडी विभाग की संयुक्त टीम ने एनएच-52 के समीप नहर किनारे स्थित सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाते हुए दो मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब 1.5 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 25 लाख रुपए आंकी गई है।

ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार ऐसे अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है, जो नशे के कारोबार समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। इसी क्रम में सीमलिया थाना क्षेत्र के कल्याणपुरा निवासी सुगना बाई और उसके बेटे धीरज के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने सीएडी विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। इतना ही नहीं, कब्जे वाली जमीन पर दो पक्के मकान भी बना लिए थे।

इसके बाद पुलिस ने सीएडी विभाग और प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर मौके पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से दोनों अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया तथा पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कब्जा मुक्त कराई गई भूमि और ध्वस्त किए गए निर्माण की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपए है। सीमलिया थानाधिकारी नंदसिंह ने बताया कि नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

डोडा पोस्त तस्कर को 20 वर्ष का कठोर कारावास

वहीं कोटा के दूसरे मामले में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस के न्यायाधीश रामपाल जाट ने डोडा पोस्त तस्करी के छह वर्ष पुराने मामले में आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र सिंह निर्भय ने बताया कि 27 जून 2020 को अनन्तपुरा थाना पुलिस ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर रानपुर रीको एरिया स्थित एक गोदाम में चेकिंग के दौरान 24 कट्टों में 360 किलो डोडा पोस्त बरामद कर जब्त किया। प्रकरण में पुलिस ने आरोपी अनंतपुरा थाना क्षेत्र के गांव अमरकुंआ निवासी कालू गुर्जर और सह आरोपी चेचट थाना क्षेत्र के गांव दारूखेड़ा निवासी हरिशंकर मीणा को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ अनुसंधान के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से प्रकरण में 27 गवाह लेखबद्ध करवाए गए और कुल 178 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। न्यायालय ने मामले में निर्णय देते हुए अभियुक्त कालू गुर्जर को बीस वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया, जबकि अभियुक्त हरिशंकर मीणा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

Published on:
05 Jun 2026 09:37 am