कोटा

समाज की उन्नति में शिक्षा महत्वपूर्ण

कोटा. ईद मिलादुन्नबी कॉन्फ्रेंस का आयोजन शनिवार को किया गया। वक्ताओं ने कहा, कोई भी समाज शिक्षा बिना उन्नति नहीं कर सकता।
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Updated: 17 Dec 2017, 8:04 PM IST
ईद मिलादुन्नबी कॉन्फ्रेंस
paigame aman confrence

कोटा . दशहरा मैदान स्थित पशु मेला परिसर में राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना फज्ले हक की अध्यक्षता में शनिवार को ईद मिलादुन्नबी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौलाना फज्ले हक ने कहा, इस्लाम के पैगम्बर सबके लिए रहमत हैं। ऊंच नीच, जात-पात, गरीब-अमीर के फर्क को मिटाकर सबको एक कर दिया। हमें पैगम्बर से प्रेरणा लेकर इंसानियत के रास्ते पर चलना होगा। मुख्य वक्ता मौलाना सय्यद कौसर रब्बानी ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा बिना उन्नति नहीं कर सकता।

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ईद मिलादुन्नबी कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष नियाज अहमद और संयोजक आसिफ खान ने बताया कि कार्यक्रम में नन्हें बच्चों ने नबी की शान में सबसे आला व आला हमारा नबी पढक़र वातावरण में मिठास घोल दी। कॉन्फ्रेंस की सर परस्ती यूपी से आए मौलाना सय्यद कासिम अशरफ न ने की। मौलाना मुख्तार अहमद, बरेली शरीफ, मुफ्ती फ ारूक धौलपुर, मौलाना हाफिज अब्दुल सलाम सुजानगढ़, मौलाना मुबारक हुसैन नूरी और मोलाना सईद मुख्तार रजवी भी मौजूद रहे।

पर्दा औरत का कवच
महिलाओं के जलसे को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश से आई आलिमा मोहसिना फ ातिमा ने कहा समाज में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। इंसान मानवता से गिरकर भेडिय़ा बनता जा रहा है जो शर्मनाक है। खुदा ने औरत को कीमती हीरा बनाया है। हीरे को छुपाकर रखना ही औरत के हक में है। पर्दा कैद नहीं बल्कि सुरक्षा कवच है। पैगम्बर ने बेटियों को बड़ा मान सम्मान दिया है। पैगम्बर ने बेटी की पैदाइश को रहमत कहा है। जलसे में भू्रण, हत्या के खिलाफ महिलाओं ने संकल्प लिया। जनमा, रेशमा, यास्मीन, नूर फ ातिमा, कनीज आइसा ने नात पेश की। जलसे की मुख्य अतिथि उप महापौर सुनीता व्यास रहीं।

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17 Dec 2017, 8:04 PM IST
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