कोटा

राजस्थान के किसानों को कैश क्रॉप से जोड़ने की कवायद, 2 हजार मिनी किट का होगा वितरण

आर्थिक मजबूती देने के लिए कैश क्रॉर्प से जोडऩे के प्रयास किया है, ताकि इन किसानों के पास वर्ष पर्यंत धन आवक बनी रहे। इसके लिए उद्यानिकी विभाग के जरिए सब्जी की खेती का खाका भी तैयार कर लिया गया है।

2 min read
Feb 14, 2025

चित्तौड़गढ़ समेत नौ जनजाति जिले अब जैविक कृषि पद्धति के जरिए उगाई गई लौकी और भिंड़ी का गढ़ बनने की राह पर चलेंगे। इन सभी जिलों में लौकी और भिंड़ी की खेती को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन इनके अलावा भी किसानों के खेतों अन्य 6 प्रकार की सब्जियों की खेती नजर आएगी। क्योंकि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग ने इन किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए कैश क्रॉर्प से जोडऩे के प्रयास किया है, ताकि इन किसानों के पास वर्ष पर्यंत धन आवक बनी रहे। इसके लिए उद्यानिकी विभाग के जरिए सब्जी की खेती का खाका भी तैयार कर लिया गया है।

बिना केमिकल उगाएंगे सब्जियां


इन जनजाति किसानों को जैविक खेती के जरिए सब्जियां उगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि ये किसान बिना उर्वरक के जैविक रूप से इन सब्जियों की खेती कर सकें। इसके लिए टीएडी की ओर से इन किसानों को बीजों के साथ ही जैविक आदान भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मार्च के पहले मिलेंगे बीज और जैविक खाद

विभागीय अधिकारी ने बताया कि जायद के लिए 15 फरवरी के बाद ही खेती की शुरुआत मानी जाती है। जिले में मार्च के पहले किसानों को बीज और खाद उपलब्ध करा दिया जाएगा।

जैविक खेती बढ़ाने और पलायन रोकने के लिए बेहतर विकल्प

उद्यानिकी चित्तौड़गढ़ के उपनिदेशक डॉ. शंकरलाल जाट ने बताया कि टीएडी की ओर से दिए जाने वाले सब्जियों के बीजों संग जैविक खाद भी दी जाएगी, ताकि ये किसान केमिकल मुक्त सब्जियों की खेती कर सकें। इस कैश क्रॉर्प से जुडऩे के कारण इन किसानों के पास वर्ष पर्यंत धन आवक बनी रहेगी। जो श्रमिक वर्ग के पालायन रोकने के लिए कारगर साबित हो सकी है। सब्जियों की जैविक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। सरकार का फोकस है कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।

छोटी जोत के किसानों को मिलेगा लाभ

इसके तहत वे जनजाति किसान लाभांवित हो सकेंगे, जिनके पास छोटी जोत हैं। इसके लिए किसान के पास कम से कम 0.05 हैक्टेयर (500 वर्ग मीटर) कृषि भूमि और सिंचाई के लिए पानी की सुविधा होना आवश्यक है। जिन किसानों के पास पानी की उपलब्धता नहीं है। उनके लिए सब्जी की खेती में कठिनाई होती है।

Published on:
14 Feb 2025 03:08 pm
Also Read
View All

अगली खबर