कोटा मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के किनारे सहित कई जगह रेलवे की जमीन पर बाड़े बना लिए गए हैं, कई जगह खेती हो रही है।
कोटा .
रेलवे की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन रेल प्रशासन उसे अतिक्रमण मुक्त नहीं करवा पा रहा है। कोटा मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के किनारे सहित कई जगह रेलवे की जमीन पर बाड़े बना लिए गए हैं, कई जगह खेती हो रही है।
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पत्रिका टीम ने कोटा जंक्शन, सोगरिया स्टेशन और रेलवे कॉलोनी क्षेत्र का जायजा लिया तो सोगरिया स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण मिला। जहां रेलवे की संपत्ति के पिलर खड़े किए हैं, वहां से काफी दूरी तक अतिक्रमण कर लिया गया है।
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रेलवे सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे ने अपनी खाली भूमि की निगरानी के लिए एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफ ल वाले खाली प्लॉटों के विवरणों का डिजिटलीकरण भी किया है। इसके बाद भी कोटा रेल प्रशासन सजगता नहीं दिखा रहा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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परिसंपत्तियों की मैपिंग की योजना
इतना ही नहीं भारतीय रेलवे की ट्रैक प्रबंधन प्रणाली से एकीकृत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की भूवन सैटेलाइट इमेजरी की भोगौलिक सूचना प्रणाली पर भूमि सहित रेलवे की सभी स्थित परिसंपत्तियों की मैपिंग भी कराने की योजना है।
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इस प्रणाली से रेलवे की भूमि की इस स्थिति का पता लग जाएगा कि क्या उसकी संपत्तियों पर अतिक्रमण हुआ है या नहीं। इसके बाद भी कोटा मंडल में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण जारी है। क्योकि अधिकारी सजगता नहीं दिखा रहे है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है |