INCOME TAX अधि‍कारि‍यों ने करदाताओं को चंद्रगुप्त-चाणक्य के कथानक से बताया आयकर का महत्व
कोटा . जैसे मधुमक्खी फूलों के परागकणों से नाममात्र का रस चूसती है, लेकिन इससे फूलों की सेहत पर विपरीत असर नहीं पड़ता और लोगों को शहर का उपहार देती है। वैसे ही आयकर विभाग भी आयकर वसूलता है। विभाग अपने पास संग्रहित रस से शहद बनाकर जनता को समर्पित कर देता है। जिस प्रकार मधुमक्खी परागकण संकलित करते समय परेशान करने पर उसे काट भी लेती है। उसी प्रकार आयकर विभाग भी कर चोरी करने पर कार्रवाई करता है। यह बात आयकर विभाग के आसूचना एंव आपराधिक अन्वेषण विंग के आयकर निदेशक रंजन कुमार ने कही। वे यहां झालावाड़ रोड़ स्थित अग्रवाल सेवा सदन में शहर के टेंट, होटल, कैटरिंग, मैरिज गार्डन व्यवसायियों को समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और सुखद भविष्य के लिए पूरा आयकर जमा कराने सम्बंधी जानकारी दे रहे थे।
समझाया टैक्स सिस्टम
आयकर निदेशक रंजन कुमार ने देश के सर्वांगीण विकास के लिए टैक्स की आवश्यकता को मनु स्मृति से लेकर कोटा कोचिंग तक के उदारहण देकर समझाया। उन्होंने कहा कि मनु स्मृति में कर की विवेचना की गई है। चंद्रगुप्त-चाणक्य की लघु फिल्म दिखाकर देश के विकास में टैक्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी। कौटिल्य का उदारहण देकर देश के विकास में अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए टैक्स जमा कराने की अपील की।
टैक्स देकर सोए चेन की नींद
जो भी व्यक्ति टैक्स के दायरे में आ रहे हैं या नहीं आ रहे। उन्हें अपने सुखद भविष्य के लिए हर साल रिटर्न फाइल करना चाहिए। अगर रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं तो वह अपने भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं। वहीं जिन लोगों का कारोबार करोड़ों में है और टैक्स बचाने के लिए रिटर्न नहीं भर रहे है। ऐसे लोग अपनी व्हाइट मनी को ब्लैक कर पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। ऐसे लोगों का टैक्स अगर कम होगा तो कोई भी बैंक उन्हें लोन नहीं देगा। जब उनका कारोबार ही बहुत कम रहेगा तो विदेश यात्रा के लिए वीजा तक नहीं बन पाएगा। कोटा के आसूचना आयकर अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि शहर में कई व्यवसायी ऐसे है, जो सर्विस देते हैं। इस दौरान आयकर उपनिदेशक एके गहलोत, गार्डन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष गांधी, टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार जैन, कैटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बघेल सहित कई व्यवहारी मौजूद थे।