कोटा

कोटा कोचिंग विद्यार्थियों के लिए बिलकुल फ्री, फीस के बदले देना होगा रिजल्ट

दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी कोचिंग फीस की चिंता किए बगैर नि:शुल्क कोचिंग कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।
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Updated: 6 Feb 2018, 10:41 AM IST
Free Coaching Classes

कोटा . दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। वे कोचिंग फीस की चिंता किए बगैर नि:शुल्क कोचिंग कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। राजस्थान पत्रिका, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बोर्ड के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग देकर उनके सपनों को साकार किया जाएगा। दादाबाड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कोचिंग समारोह पूर्वक आगाज हुआ।

यहां चलेंगी क्लास
उद्घाटन होने के बाद मंगलवार से शहर के तीन स्थानों पर दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नि:शुल्क कोचिंग कक्षा शुरू हो जाएगी। इनमें 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी पढ़ सकेंगे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महावीर नगर तृतीय, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विज्ञान नगर तथा राजकीय जवाहर लाल नेहरू उच्चमाध्यमिक विद्यालय भीमगंजमंडी में अध्यययन केन्द्र बनाए गए हैं। यहां विषय व्याख्याता सेवाएं देंगे।

यहां करें सम्पर्क
महावीर नगर तृतीय के लिए कपिल मेहता (9785899641) विज्ञान नगर के लिए डॉ. आजाद सिंह (9929099570) व भीमंगजमंडी स्थित स्कूल में कोचिंग के लिए गोवद्र्धन गुप्ता (9636524039) पर सम्पर्क किया जा सकता है।

इस पहल का लाभ उठाएं

कॉमर्स कॉलेज के उपाचार्य कपिल देव व डॉ. आजाद सिंह ने कहा कि परिषद व पत्रिका की इस पहल का विद्यार्थी लाभ उठाएं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री राजेश गुर्जर ने कहा कि शिक्षक बेहतर विजन लेकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें। परिषद की ओर से विक्रम सिंह, कपिल मेहता, विभाग संगठन मंत्री हरीश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। कर्ण माहेश्वरी ने आभार व्यक्त किया।

सामाजिक सरोकारों में अग्रणी है पत्रिका
समारोह में माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक रामस्वरूप मीणा ने कहा कि पत्रिका हमेशा से सामाजिक सरोकार निभाता रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पत्रिका के साथ मिलकर जो यह पहल की है, सराहनीय है। शिक्षा विभाग इसमें सहयोग करेगा। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र गहलोत ने कहा कि कोटा को कोचिंग नगरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन यहां इस तरह की व्यवस्था नहीं है, जहां बिना खर्च विद्यार्थी को संबल मिल सके। इस स्थिति में यह पहल रंग दिखाएगी व आर्थिक रूप से तंग बच्चों के सपने भी साकार होंगे।

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