
कोटा .
शहर के छावनी स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 से 25 दिसम्बर तक गुरु गोविंद सिंह प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है। प्रकाशोत्सव के प्रथम दिन बुधवार को गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन निकाला गया। दोपहर करीब पौने दो बजे छावनी स्थित गुरुद्वारे से नगर कीर्तन शुरू हुआ। जो छावनी चौराहा, गुमानपुरा, सब्जीमंडी, अग्रसेन बाजार, रामपुरा, लाडपुरा होता हुआ शाम को नयापुरा स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचा। इस दौरान श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। विशेष वाहन में दीवान सजाया गया। जिसमें बिराजमान संगत गुरुवाणी का बखान कर रहे थे। दीवान सजे वाहन पर मार्ग में कई श्रद्धालु मत्था टेकते नजर आए। दीवान सजे वाहन के आगे परम्परागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारे चल रहे थे। पंज प्यारों के आगे भी साध संगत मार्ग की सफाई करते हुए चल रहे थे। इस दौरान मार्ग में कई श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
करतब देख जाम हो गया मार्ग
नगर कीर्तन के दौरान पंजाब के जीवन फौजी बैग पाइप बैंड मोगा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा। बैंड के सेवादारों ने गुरुवाणी, सिख भजनों की मधुर धुने बजाई। वहीं वीर खालसा गतका दल के सदस्यों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। यहां नन्हें बच्चों से लेकर 45 साल तक सदस्यों ने अलग-अलग हैरतअंगेज करतब दिखाए। जिनका दर्शकों, श्रद्धालुओं ने उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने ढाल-कृपाण, बनेठी घुमाई, बच्चों ने रस्सी के चक्कर चलाए। सिर, शरीर से लकड़ी के डंडे तोड़े, सिर-कंधों पर रखे नारियल लाठी से फोड़े, कीलों के पटिए पर लेट कर पेट पर रखी बर्फ की सिल्ली को हथौड़े से फोड़े। वीर खालसा गतका दल के सदस्यों हैरतअंगेज करतब देखने के लिए एक बारगी तो मार्ग जाम हो गया। ऐसे में हर कोई ऐसे नजारे को अपने मोबाइल में केद करते नजर आए।
अगमगढ़ गुरुद्वारे में गुरमति कीर्तन समागम 30 से
बूंदी रोड़ स्थित अगमगढ़ गुरुद्वारे में बाबा लक्खा सिंह के सानिध्य में 30 दिसम्बर से माता गुजर कोर व साहिबजादों की याद में गुरमति कीर्तन समागम का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर कई कर्तनी जत्थों, कथावाचक पहुंचेंगे। जिनमें दरबार साहिब अमृतसर से जरूरी रागी जत्था सुलखण सिंह, दाढ़ी जत्था ज्ञानी पूर्ण सिंह अरसी व लुधियाना से कथावाचक बलदेव ङ्क्षसह संगत को निहाल करेंगे। 30 दिसम्बर को यहां सुबह 10 बजे अखंड पाठ साहिब किसा जाएगा। जिसका समापन 1 जनवरी को किया जाएगा।
31 दिसम्बर को सुबह दस बजे गुरुद्वारा केशोनगर झौंपडिय़ा, केशवराय पाटन, से नगर कीर्तन शुरू होगा, जो अगमगढ़ गुरुद्वारा पहुंचेगा, रात में दीवान सजाया जाएगा। एक जनवरी को अखंड पाठ समप्ति पर खुले पांडाल में कीर्तन, कथा धार्मिक विचार रखे जाएंगे। साथ ही गुरु का अटूट लंगर भी बरता जाएगा। इस दौरान गुरुद्वारा परिसर में कबड्डी प्रतियोगिता भी होगी।