हैगिंग ब्रिज की लोड टेस्टिंग रिपोर्ट हुई फेल, उदघाटन में फंसा पेंच

हैंगिंग ब्रिज की लोड टेस्टिंग रिपोर्ट फेल होने के बाद उसके उदघाटन में पेंच फंस गया है।
2 min read
• •
Updated: 8 Aug 2017, 8:46 AM IST
Hanging Bridge, kota patrika, Single Spine Bridge, Bridge on chambal, Hanging Bridge kota, East West Corridor, हैंगिंग ब्रिज, हैंगिंग ब्रिज कोटा, हैंगिंग ब्रिज इन इंडिया, Rajasthan Patrika, Kota, NHAI, Kota News, Patrika News, Kota Police, Hanging Bridge load testing, Hanging Bridge load testing report
कोटा हैंगिंग ब्रिज की लोड टेस्टिंग रिपोर्ट हुई फेल।

ईस्ट-वेस्ट कोरिडोर परियोजना के तहत कोटा की चम्बल नदी पर बनाए गए हैंगिंग ब्रिज (केबल स्टे ब्रिज) पर यातायात शुरू करने से पहले ही बड़ा पेंच फंस गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की पर्यवेक्षण कंस्टलेंट कंपनी लुइस बर्जर ने ब्रिज की लोड टेस्टिंग रिपोर्ट को नकार दिया है।

कोरियन स्टैंडर्ड से कर दी लोड टेस्टिंग

लुइस बर्जर कंपनी के स्थानीय इंजीनियर प्रतिनिधियों ने बताया कि निर्माण कंपनी हुंडई ने कोटा के हैंगिंग ब्रिज की लोड टेस्टिंग इंडियन स्टैण्डर्ड के बजाय कोरियन स्टैंडर्ड से कर दी गई। जिन्हें पढ़ने और समझने में दिक्कत आ रही है। खास बात यह है कि भारत में लोड टेस्टिंग में पूरा लोड डालकर ही जांच की जाती है, जबकि हुंडई ने 30-30 टन के छह ट्रकों को चलाकर व खड़े कर लोड टेस्ट किया था। इसके अनुसार ब्रिज में जो बदलाव आए, उन्हें कम्प्यूटर से 50 ट्रकों का अनुमानित भार बताकर रिपोर्ट बनाई गई है। जबकि भारतीय मानकों में पूरे 50 ट्रक खड़े कर ही जांच की जाती है।

Read More: हैंगिंग ब्रिज की वजह से नहीं चढ़ने देंगे लोगों की बलि कोटा के ब्रिज पर न्यूजर्सी में होगा फैसला

एनएचएआई राजस्थान के मुख्यमहाप्रबंधक मुकेश जैन ने बताया कि अब एनएचएआई कोरियन कंपनी हुंडई से मिली हैंगिंग ब्रिज की लोड टेस्टिंग रिपोर्ट को कंसल्टेंट कंपनी लुइस बर्जर के मोरिसटाउन न्यूजर्सी (यूएएस) स्थित हैड क्वार्टर को भेजा गया है। जहां कंपनी के एक्सपर्ट इसकी जांच करेंगे। अगर वह इस रिपोर्ट को नकार देते हैं, तो दोबारा लोड टेस्टिंग करवाई जाएगी। इसके बाद ही हैंगिंग ब्रिज चालू किया जा सकेगा।

सेफ्टी क्लियरेंस मिलने पर ही चालू होगा ब्रिज

हैंगिंग ब्रिज का निर्माण कर रही हुंडई ने कोरिया की एस्क्यू इंजीनियरिंग से हैंगिंग ब्रिज का लोड टेस्टिंग करवाया था। इसमें 30-30 टन के छह ट्रकों को ब्रिज पर खड़ा करके व चलाकर देखा गया। ब्रिज पर लगाए सेंसर से इसकी मॉनिटरिंग की गई थी। बाद में पुल के झुकाव, घुमाव, केबल, वाईब्रेटिंग की रीडिंग के अनुपात में बदलाव कर रिपोर्ट बनाई है। एस्क्यू इंजीनियरिंग ने लोड को कोरियन स्टैण्डर्ड में एज्यूम कर रिपोर्ट बना दी। जबकि इंडियन स्टैण्डर्ड में एक्चुअल टेस्टिंग होनी चाहिए। अब रिपोर्ट को लुइस बर्जर के हैड क्वार्टर भेजा गया है। वहां के एक्सपर्ट लोड टेस्टिंग रिपोर्ट पर सेफ्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी कर देते हैं तो ब्रिज पर यातायात शुरू होगा, वरना दोबारा इंडियन स्टैण्डर्ड से टेस्ट करने को कहा जाएगा।

Published on:
Also Read
View All
रेलवे पार्किंग में ‘सिंडिकेट राज’! शिकायतों के बाद भी ठेकेदार पर मेहरबान रेलवे, 1.21 करोड़ का ठेका देकर भूले सुरक्षा

US Election Results 2026: भारतीय छात्रों पर नस्लीय टिप्पणी करने वाले Bo French चुनाव हारे, अमेरिकी राजनीति में बढ़ी नस्लवाद पर बहस

Netanyahu vs Eisenkot: इजरायल का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? अमेरिकी में ट्रंप की पार्टी के हार के बाद यहां क्या हो रहा है?

जयपुर में ऑटो चालकों का ‘अंधा कानून’: न अकेले ले जाएंगे, न राइड कैंसिल करेंगे; महिला यात्रियों की सुरक्षा दांव पर

Railway Track Blast: राजस्थान में रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश के पीछे कौन? NIA-ATS और IB तलाश रही इन 3 सवालों के जवाब