
सभी अस्पतालों और प्रसव केन्द्रों पर हेल्प डेस्क की स्थापना
अस्पताल में भर्ती से लेकर छुट्टी तक साथ निभाएंगी
बूंदी. उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए जिले में प्रसव सखी योजना संचालित की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ ओ पी सामर ने बताया कि प्रसव सखी गुलाबी एप्रेन में नजर आएंगी और एप्रेन पर प्रसव सखी लिखा होगा। यह विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मी, एएनएम या चयनित महिला स्वास्थ्यकर्मी होंगी। जब कोई उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला अस्पताल आती है, तो प्रसव सखी उसके भर्ती होने, जरूरी जांच कराने, विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने, प्रसव कराने और अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) मिलने तक लगातार उसके साथ बनी रहेगी।
सभी को इसकी जानकारी हो इसके लिए प्रत्येक चिन्हित सरकारी अस्पताल के मुख्य गेट पर एक समर्पित हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। यह एक तरह से मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल में पहला संपर्क केंद्र (फर्स्ट कॉन्टैक्ट पॉइंट) होगी। इस डेस्क की स्थापना से अस्पताल में होने वाली भागदौड़ और जटिल कागजी प्रक्रियाओं से गर्भवती महिला के परिजनों की मदद मिलेगी और गर्भवती महिला को समय पर उपचार मिल सकेगा।
प्रत्येक एचआरपी पर एक प्रसव सखी और तीन सामान्य प्रसव पर एक प्रसव सखी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक चयनित प्रसव सखी के आमुखीकरण, आवश्यक प्रशिक्षण और संस्था से संबंधत जानकारी उपलब्ध कराना संस्था प्रभारी की जिम्मेदारी होगी।