
Farmer ID : कोटा जिले में खाद के लिए किसानों की कतारें। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : कोटा. राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर फार्मर आइडी से किसानों को डीएपी-यूरिया देने की अनिवार्यता को टाल दिया है। फार्मर आइडी की अनिवार्यता को लेकर किसानों में आक्रोश था, इससे पंचायत चुनाव में नुकसान की संभावना बन गई थी। ऐसे में सरकार ने यू-टर्न लेते हुए कोटा समेत प्रदेश के कई जिलों में लागू 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (एफएफएस)' को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया है। कृषि आयुक्तालय, जयपुर की ओर से भारत सरकार के निदेशक (डिजिटल कृषि मिशन) को भेजे गए एक पत्र में यह जानकारी दी गई है। हाल में प्रदेश के 18 जिलों में यह योजना लागू की गई थी। विधायक और भाजपा नेताओं ने भी इस संबंध में किसानों की भावना से सरकार को अवगत कराया था।
पत्र में बताया गया है कि एग्रीस्टेक योजना के तहत नवीनतम डिजिटल प्रणाली का उपयोग करते हुए हाल ही में राजस्थान के कुछ जिलों में एफएफएस लागू किया गया था। इस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उर्वरक बिक्री में किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ-साथ अनेक सुझाव और अभ्यावेदन भी प्राप्त हुए थे। इसके साथ ही राज्य में 1 से 30 सितंबर तक एग्रीस्टेक फार्मर पहचान पत्र बनाने और भू-राजस्व ग्रामों का भूमि रेकॉर्ड ऑनलाइन डिजिटल रूप में करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान को देखते हुए तथा संलग्न बिंदुओं के अद्यतन होने तक,एफएफएस को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आग्रह किया गया है। यह पत्र प्रमुख शासन सचिव, कृषि मंजू राजपाल द्वारा जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि सीएमओ, भारत सरकार को भी भेज दी है।
हाड़ौती के किसान संगठनों के पदाधिकारियों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप लागू करने से किसानों को आ रही परेशानी से अवगत कराया था। ज्ञापन में बताया कि किसान ऑनलाइन स्लॉट बुक ,ऐप में रजिस्ट्रेशन नहीं होने, बंटाईदार किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने की समस्या बताते हुए योजना को स्थगित करने की मांग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने सीएम और केन्द्र सरकार ने बात कर किसानों राहत दिलाने का आश्वासन दिया था। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (एफएफएस)' योजना को स्थगित करने पर किसान संगठनों ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार जताया है।
फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स योजना को स्थगित करने के आदेश आ गए हैं। किसानों को अब आधार कार्ड और कृषि भूमि की जमाबंदी के आधार पर खाद दिया जाएगा।
अतिशकुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार कोटा खंड
Updated on:
21 Sept 2026 10:56 pm
Published on:
21 Sept 2026 08:16 pm
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