डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति के पद को लेकर एक नया इतिहास भी इस बार बना है। सभापति की कुर्सी पर 2015 से 2020 तक केके गुप्ता बैठे, अब यहां सभापति उनकी पत्नी सुशीला गुप्ता है। गुप्ता ने अपने कार्यकाल में स्वच्छता सहित अन्य मामलों में कई विकास कार्य किए, जो जनता के बीच चर्चित रहे। यहीं कारण रहा कि इस बार उनकी पत्नी को भाजपा से टिकट मिलने के बाद जनता का भी समर्थन मिला। उल्लेखनीय है कि केके गुप्ता पूर्व में शंकरसिंह सौलंकी जब चैयरमेन थे, तब उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। गुप्ता वर्तमान में स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर है।