
कोटा . सरकारी विद्यालयों को अब 26 जनवरी तक विद्यार्थियों के आधारकार्ड बनवाने होंगे। निर्धारित तिथि तक ऐसा नहीं किया तो खंड शिक्षा अधिकारी व संस्था प्रधानों पर गाज गिरेगी। उनका वेतन भी रोक दिया जाएगा। सरकार ने विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोडऩे के लिए आधारकार्ड बनाना अनिवार्य किया है। यह कार्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। सरकार के निर्देशानुसार सभी राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं का आधार नामांकन का शत-प्रतिशत कार्य 30 सितम्बर तक करवाया जाना था, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। सरकार ने भी कई बार अंतिम तिथि बढ़ा लक्ष्य पूरा करने को कहा।
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ऐसे में शिक्षा विभाग ने आधारकार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए शिविरों का सहारा लिया था। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में व शहरी क्षेत्र में शिविर लगाने का निर्णय किया, लेकिन मॉनिटरिंग नहीं होने से शिविर भी सही तरीके से नहीं लग सके। कुछ स्कूलों में शिविर लगे और कुछ में शिविर नहीं लग सके। ऐसे में कुछ ही बच्चों के आधारकार्ड बन सके।
योजना का उद्देश्य
सरकार ने मिड डे मील व्यवस्था को आधारकार्ड से लिंक करने के आदेश दिए थे। इसके पीछे वजह यह थी कि मिड डे मील में अनियमिताएं की शिकायतें मिल रही थी। शिक्षक विद्यार्थियों की अनुपस्थिति गलत भरकर मिड डे मील की व्यवस्था का फायदा उठा रहे थे। इसे रोकने के लिए आधारकार्ड बनवाए जा रहे हैं।
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विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का शत प्रतिशत आधार नामांकन 30 सितम्बर 2017 तक करवाया जाना था, लेकिन अभी तक 68.45 प्रतिशत ही हुआ है। 26 जनवरी 2018 तक शत- प्रतिशत आधार नामांकन नहीं होने पर संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं संस्था प्रधानों का जनवरी 18 माह का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
रामू मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक
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विद्यार्थियों के आधारकार्ड बनाने के लिए पहले ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाए गए थे, लेकिन नहीं बन सके। अब सभी संस्था प्रधानों को शत-प्रतिशत आधारकार्ड बनाने के आदेश कर दिया है।
नरेन्द्र गहलोत, एडीईओ, माध्यमिक