कोटा

पंजाब की इस हाईटेक गैंग ने पांच मिनट में खोल डाले कोटा के 11 एटीएम, पलक झपकते ही उड़ा ले गए लाखों रुपए

महावीर नगर थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से नगदी चोरी करने के लिए अंतरराज्यीय गैंग के तीन सदस्य पंजाब से कोटा आए थे।

3 min read
Oct 28, 2017
नशे व महंगा शौक पूरा करने के लिए करते है वारदात

कोटा . महावीर नगर थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से नगदी चोरी करने के लिए अंतरराज्यीय गैंग के तीन सदस्य पंजाब से कोटा आए थे। यहां उन्होंने पहले रैकी कर सुनसान इलाकेका एटीएम तलाशा। मौका देखकर पासवर्ड से एटीएम मशीन खोलकर 11.12 लाख रुपए चोरी कर पंजाब चले गए। तीन माह पहले हुई वारदात का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। गैंग के तीनों सदस्य नशे के आदी हैं और महंगे शौक पूरा करने के लिए ही इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं।

पंजाब के बठिंडा निवासी रक्षपाल सिंह उर्फ जस्सा, रामामंडी निवासी भूपेन्द्र सिंह व गगन सिंह एटीएम से नगदी चोरी की अंतरराजयीय गैंग के सदस्य हैं। इन्होंने पंजाब के पठानकोट, उत्तराखंड़ के देहरादून, गुजरात के बड़ौदा, हरियाणा के हिसार व राजस्थान के गंगानगर में भी इसी तरह की वारदात की हैं। पुलिस टीम ने कई दिन तक पंजाब में कैम्प कर मास्टर माइंड रक्षपाल सिंह उर्फ जस्सा को गिरफ्तार किया है।

एसपी अंशुमान ंिसंह भौमिया ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा श्रीनाथपुरम् के वरिष्ठ प्रबंधक केशर सिंह मीणा ने २ अगस्त को रिपोर्ट दी थी कि ३० जुलाई की सुबह ६ बजे करीब तीन जने बैंक के आरोग्य नगर स्थित एटीएम से ११.१२ लाख रुपए नगद चोरी कर ले गए। एक अगस्त को वारदात का पता चला। चोरों ने एटीएम में बिना तोडफ़ोड़ किए रकम चोरी की है। सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए थे।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एएसपी अनंत कुमार के नेतत्व में पुलिस कर्मियों की टीम गठित की। तकनीकी अनुसंधान से वारदात में बठिंडा की गैंग के शामिल होने का पता चला। टीम के सदस्य सिविल वर्दी व निजी वाहनों से पंजाब गए। वहां से एक आरोपित रक्षपाल सिंह को पकड़कर लाए। उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ वारदात को करना कबूल किया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ कर अन्य आरोपितों की तलाश व नगदी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पांच मिनट में कर गए 'खेल

पुलिस पूछताछ में रक्षपाल ने बताया कि उन्होंने वारदात को ५ मिनट में अंजाम दे दिया। वह अपने दो साथियों भूपेन्द्र व गगन के साथ कार से २७ जुलाई को बठिंडा से रवाना होकर अजमेर होते हुए अगले दिन कोटा पहुंचे थे। यहां सुनसान इलाके के 2-3 एटीएम की रैकी की। आरोग्य नगर स्थित एटीएम पर सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। उन्होंने एटीएम मशीन को चाबी से खोलकर तकनीकी आधार पर पासवर्ड की जानकारी की। इसके बाद 30 जुलाई की सुबह 6 बजे तीनों एटीएम पहुंचे। पहले गगन ने एटीएम में जाकर सीसीटीवी कैमरे का वायर काटा। फिर अन्य आरोपित एटीएम में गए। डीवीआर बैग में रखा। रक्षपाल ने मशीन के ऊपर का लॉक खोल रुपए रखने वाली रैक को बाहर निकाल 11.12 लाख रुपए चुरा लिए। वारदात के बाद तीनों आरोपित वापस पंजाब चले गए।

एटीएम में कैश डालने की नौकरी कर चुका आरोपित
एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि रक्षपाल अंतरराज्यीय गैंग का मास्टर माइंड है। वह बीए पास व कम्प्यूटर में डिप्लोमा कर चुका है। वर्ष 2008 से 2012 तक बठिंडा में एटीएम में कैश डालने की दो अलग-अलग कम्पनियों में नौकरी कर चुका है।

ये रहे टीम में शामिल

इस वारदात के खुलासे मे महावीर नगर थानाधिकारी ताराचन्द, साइबर सेल के हैड कांस्टेबल प्रताप सिंह व भीमसिंह, हैड कांस्टेबल जसकरण, कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह, दिनेश व इंद्र सिंह शामिल रहे।

Updated on:
28 Oct 2017 01:58 am
Published on:
28 Oct 2017 01:48 am
Also Read
View All