जेईई मेन प्रवेश परीक्षा में अब तक 16 लाख से अधिक विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं, जो कि इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। जेईई मेन जनवरी में 14 लाख 10 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। 1 लाख 70 हजार से अधिक यूनीक कैंडिडेट अब तक अप्रेल परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके […]
जेईई मेन प्रवेश परीक्षा में अब तक 16 लाख से अधिक विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं, जो कि इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। जेईई मेन जनवरी में 14 लाख 10 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। 1 लाख 70 हजार से अधिक यूनीक कैंडिडेट अब तक अप्रेल परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके हैं। अप्रेल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग 12 लाख से अधिक होगी। आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 25 फरवरी है।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि स्टूडेंट्स की डिमांड पर एनटीए ने स्टूडेंट के हित में अंतिम करेक्शन का विकल्प देने की घोषणा की है। इसके लिए जारी पब्लिक नोटिस के अनुसार, स्टूडेंट्स करेक्शन के दौरान कोर्स, मीडिया ऑफ क्वेश्चन पेपर, स्टेट कोड ऑफ इलेजिब्लिटी, परीक्षा शहर, 10वीं व 12वीं की क्वालीफिकेशन डिटेल, जेंडर, कैटेगिरी में बदलाव कर सकते हैं। करेक्शन का अवसर 27 व 28 फरवरी को मिलेगा। करेक्शन में विद्यार्थी एग्जाम के स्टेट को नहीं बदल सकते। वह स्थायी और वर्तमान निवास के पते के अनुरूप ही चुनना होगा।
लाखों स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी
एनटीए के इस करेक्शन विकल्प से देश के उन लाखों स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने जनवरी जेईई मेन के दौरान कैटेगिरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण ओपन कैटेगिरी से आवेदन कर दिया था और अब कैटेगिरी दस्तावेज उपलब्ध होने पर कैटेगिरी बदलना चाहते हैं।
साथ ही, बड़ी संख्या में ऐसे स्टूडेंट्स भी हैं, जिन्होंने पूर्व में कैटेगिरी से आवेदन कर दिया और अब ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट 1 अप्रेल 2026 के बाद का नहीं होने पर ओपन कैटेगिरी से आवेदन करना चाहते हैं। ऐसे में देश के इन लाखों विद्यार्थियों को अंतिम कैटेगिरी बदलने का विकल्प मिलेगा। आवेदन के दौरान भरी गई कैटेगिरी के आधार पर ही जेईई-एडवांस्ड परीक्षा की योग्यता एवं आइआइटी, एनआइटी में आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया संपन्न होगी।