इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए होने वाला देश का सबसे बड़ा एग्जाम जेईई मेन और मेडिकल के लिए नीट साल में दो बार आयोजित कराया जाएगा।
वर्ष 2019 से इंजीनियरिंग व मेडिकल के लिए आयोजित होने वाले एंटे्रंस एग्जाम जेईई मेन व नीट परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित होंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गत शुक्रवार को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। जल्द ही इसकी क्रियान्विति होगी।
एग्जाम के लिए होगा एनटीए का गठन
जेईई मेन और नीट का एग्जाम साल में दो बार होने से स्टूडेंट्स बेहतर स्कोर हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा स्टूडेंट्स में तनाव की स्थिति नहीं रहेगी, क्योंकि हर छह माह में उनके पास मौका रहेगा। इसके अलावा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का गठन किया जाएगा। इससे सीबीएसई, एआईसीटीई, यूजीसी व शिक्षा के नियमन से जुड़ी एजेंसियों को परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी से निजात मिलेगी।
यह होंगे मुख्य फायदे
स्टूडेंट्स के पास मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए ज्यादा अवसर उपलब्ध होंगे। अभी साल में एक बार परीक्षा होती है। स्टूडेंट साल भर तैयारी करता है और चयन नहीं होने की स्थिति में स्टूडेंट तनाव में आ जाता है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट का समय और पैसा दोनों बचेगा, क्योंकि स्टूडेंट अभी जेईई मेन के तीन अटेम्प्ट दे सकता है। तीन साल की लंबी अवधि स्टूडेंट्स को तनाव से भर देती है। साल में दो बार एग्जाम होने से यह अवधि डेढ़ वर्ष रह जाएगी। यदि स्टूडेंट जेईई क्वालीफ ाई नहीं कर पाया तो उसके पास अन्य विकल्पों के बारे में निर्णय लेने का पर्याप्त समय रहेगा।
साल में एक बार होगी जेईई एडवांस
सबसे महत्वपूर्ण फायदा जेईई मेन के स्टूडेंट्स को होगा। जेईई मेन परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। जबकि एडवांस एक बार। अभी जेईई मेन में क्वालीफाई कर चुके स्टूडेंट्स को एडवांस की तैयारी के लिए दो माह से भी कम समय मिलता है। जबकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जो स्टूडेंट पहली बार में मेन क्वालीफाई कर लेगा, उसे एडवांस की तैयारी के लिए छह माह का समय मिल सकेगा।
दोनों बार होगा ऑनलाइन एग्जाम
देश में हर साल दोनों परीक्षाओं में करीब 40 लाख छात्र शामिल होते हैं। इनके टेस्ट सीबीएसई, यूजीसी, एआईसीटीई आदि करते हैं। सीबीएसई द्वारा मौजूदा समय में आयोजित सभी प्रवेश परीक्षाओं की जिम्मेदारी एनटीए की होगी। जैसे-जैसे एनटीए पूरी तरह से कार्य करना आरंभ करेगी, अन्य प्रवेश परीक्षाओं का जिम्मा भी उसे दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षाएं साल में दो बार ऑनलाइन आयोजित होगी।
किसी ने बताया अच्छा तो किसी ने बुरा
जेईई मेन्स और नीट एग्जाम साल में दो बार आयोजित कराए जाने को लेकर कोटा के कोचिंग संस्थानों की मिली-जुली राय सामने आई है। एलन करियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश महेश्वरी ने कहते हैं कि जेईई मेन व नीट दो बार होने से विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। अच्छी तैयारी के साथ वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। वहीं करियर पाइंट के निदेशक प्रमोद महेश्वरी भी इसके फायदे गिनाते हुए कहते हैं कि स्टूडेंट्स को नियमित एग्जाम पैटर्न के अनुरूप अभ्यस्त बनाया जा रहा है। जबकि रेजोनेंस के निदेशक आरके वर्मा नई व्यवस्था की खामियां गिनाते हुए कहते हैं कि जेईई मेन दो बार होने से कोर्स पूरा करने में दिक्कत आएगी। साल में दो बार होने से कोर्स पूरा करने का समय नहीं मिलेगा।