
कोटा। देश की कोचिंग नगरी कोटा में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो कोचिंग छात्रों की आत्महत्या के मामलों से सनसनी फैल गई। एक ओर जेईई की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने फ्लाईओवर से छलांग लगा दी, वहीं दूसरी ओर नीट अभ्यर्थी ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञान नगर थाना अधिकारी मुकेश मीणा ने बताया कि बिहार के अररिया जिले की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा जनवरी में कोटा आकर एक निजी कोचिंग संस्थान से जेईई की तैयारी कर रही थी और पीजी में रहती थी। शनिवार रात करीब 12 बजे वह कोटा-झालावाड़ रोड स्थित श्रीजी हॉस्पिटल के सामने फ्लाईओवर पर पहुंची और वहां से छलांग लगा दी।
राहगीरों की सूचना पर पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां रविवार सुबह करीब 8 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस छात्रा के पीजी, कोचिंग और मोबाइल की जांच कर घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
उधर, बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के कोरल पार्क कोचिंग एरिया स्थित गोयल रेजिडेंसी हॉस्टल में झारखंड निवासी 21 वर्षीय अलवीन कुमार ने शुक्रवार शाम करीब 7 बजे कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले एक वर्ष से कोटा में रहकर निजी कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया और कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी। एएसआई करतार सिंह ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा जाएगा। दोनों मामलों में आत्महत्या के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
इससे पहले इसी महीने उत्तर प्रदेश के रहने वाला 17 साल के एक छात्र ने जवाहर नगर पुलिस स्टेशन इलाके के राजीव गांधी नगर में हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। आर्यन ओझा यूपी के संत कबीर नगर का रहने वाला था और कोटा में जेईई की तैयारी कर रहा था।