कोटा

स्मार्ट मीटर में नहीं मिली कोई गड़बड़ी, जेवीवीएनएल ने दी क्लीन चिट

कोटा में महीनों से बवाल की वजह बन रहे केईडीएल के लगाए स्मार्ट मीटर को जेवीवीएनल ने क्लीन चिट दे दी है। निगम के एमडी आरजी गुप्ता ने जांच के दौरान किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी साबित नहीं होने की बात कही है।
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Oct 05, 2018
JVVNL Managing Director gave Clean chit to KEDL Smart Meter
JVVNL Managing Director gave Clean chit to KEDL Smart Meter

कोटा.

जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) ने केईडीएल के स्मार्ट मीटर तेज चलने और रिमोट से कंट्रोल करने की शिकायतों को खारिज कर दिया। निगम के चेयरमैन ने कहा कि कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के साथ ही मीटरों की जांच का काम पूरा हो गया है, कहीं कोई कमी नहीं मिली।

जयपुर डिस्कॉम के चेयरमैन आर.जी. गुप्ता शुक्रवार को विद्युत कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के साथ अच्छी तरह पेश आने की नसीहत देने कोटा आए थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी की किसी भी स्तर पर कोई गलती सामने नहीं आई। जिन पक्षों को शिकायत थी, उनके साथ कोटा के बाद जयपुर में दूसरे चरण की वार्ता भी हो चुकी है और अब सभी पक्ष खुश हैं।

स्मार्ट मीटर में नहीं कोई कमी

गुप्ता ने कहा कि जेवीवीएनएल ने अपनी लैब में स्मार्ट मीटर की जांच कराई है, जिनमें कोई खामी नहीं मिली है। केईडीएल के स्मार्ट मीटर न तो तेज चल रहे हैं, न ही उन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं की शिकायत का समाधान करने के लिए पैरलल मीटर भी लगाए गए, लेकिन उनमें भी स्मार्ट मीटर के बराबर ही बिल आए। इसलिए उपभोक्ताओं को किसी तरह का संदेह नहीं करना चाहिए। इसके बाद भी किसी उपभोक्ता को कोई शिकायत है तो उसे भी सुनवाई का पूरा मौक दिया जाएगा और समस्या का समाधान किया जाएगा।

शोर मचाने से नहीं मिलता हक
फीडर इंचार्ज का वर्कलोड ज्यादा होने के कारण हड़ताल की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुप्ता ने कहा कि मांगें शोर मचाने से पूरी नहीं होती। यदि ऐसा होता तो रोडवेज कर्मचारियों की मांगें कब की पूरी हो गई होती। इसके लिए काम करना पड़ता है और कंपनी को फायदे में लाना पड़ता है। जब कंपनी मुनाफे में रहेगी तो इसका फायदा कर्मचारी तक भी पहुंचेगा।

Published on:
05 Oct 2018 09:57 pm